दिल्ली में कड़े सुरक्षा पहरे के बीच कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर प्रदर्शन विफल, चार हजार लोग हिरासत में
मतदाता सूची में अनियमितताओं के आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन को दिल्ली पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के जरिए विफल कर दिया। सुप्रीम कोर्ट से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद प्रदर्शन की योजना को देखते हुए राजधानी में भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए थे, जिससे प्रदर्शनकारी तय स्थान तक नहीं पहुंच सके।

राजधानी में कड़ी किलाबंदी और यातायात प्रतिबंध
शनिवार को दिल्ली की सीमाओं से लेकर नई दिल्ली जिले तक व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। पुलिस की सख्ती के चलते कई मेट्रो स्टेशन बंद रहे और इंटरनेट सेवाओं पर भी प्रतिबंध लगाया गया। सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी थी कि एनसीआर से दिल्ली आने वाले यात्रियों की संख्या में खासी कमी दर्ज की गई और शहर के कई हिस्सों में बाजार भी बंद रहे।
दिग्गज नेताओं और कार्यकर्ताओं की हिरासत
प्रदर्शन को रोकने की इस कार्रवाई के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के कई प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार सहित लगभग चार हजार लोगों को पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से पकड़ा। अधिकारियों के अनुसार कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रही और किसी भी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
मुंबई में भी समर्थन प्रदर्शन
राष्ट्रीय राजधानी के अलावा मुंबई में भी सीजेपी के समर्थन में बिना अनुमति के प्रदर्शन किए गए। अगस्त क्रांति मैदान और हुतात्मा चौक जैसे स्थानों पर महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी, अभिनेता इमरान खान और विभिन्न राजनीतिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मार्च निकाला। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुंबई से भी लगभग चार हजार नहीं बल्कि करीब चार सौ लोगों को हिरासत में लिया।


