फ्लाइदुबाई के पायलट स्मित मच्छर के पिता ने बेटे की बहादुरी और मुश्किल पलों को किया साझा
फ्लाइदुबाई के विमान में कॉकपिट के भीतर हुए खतरनाक हमले को नाकाम कर सैकड़ों यात्रियों की जान बचाने वाले हीरो पायलट कैप्टन स्मित मच्छर के पिता ने उस कठिन समय को याद किया है। पिता भूपेंद्र मछार ने बताया कि जब उन्हें इस घटना की जानकारी मिली थी, तो परिवार सदमे में आ गया था और उन्होंने तुरंत मंदिर जाकर बेटे की सलामती के लिए प्रार्थना की थी।

कठिन समय में परिवार की प्रतिक्रिया और प्रार्थना
एक इंटरव्यू में भूपेंद्र मछार ने साझा किया कि किसी भी माता-पिता के लिए ऐसी खबर सुनना बेहद डरावना होता है। शुरुआती खौफ और झटके के बाद परिवार ने खुद को संभाला और भगवान के सामने दीया जलाकर प्रार्थना की कि उनके बेटे की जान सुरक्षित बच जाए। उन्होंने बताया कि इस तरह की अप्रत्याशित संकट की स्थिति के लिए कोई विशेष प्रशिक्षण नहीं दिया जाता, बल्कि यह ईश्वर की कृपा और अंदरूनी ताकत थी जिसने उनके बेटे को मुकाबला करने की शक्ति दी।
यात्रियों की सुरक्षा थी सर्वोपरि
पिता ने बताया कि संकट के उस क्षण में कैप्टन स्मित के मन में केवल एक ही बात थी कि विमान में पीछे बैठे किसी भी यात्री की जान को खतरा नहीं होना चाहिए। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने सूझबूझ से काम लिया और कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिसके बाद यात्रियों ने हमलावर को काबू में किया और अन्य पायलटों ने विमान को सुरक्षित उतार लिया। इस हमले के दौरान ओमान के नागरिक सह-पायलट ने कुल्हाड़ी से हमला किया था और विमान नीचे की ओर जाने लगा था।
अस्पताल में इलाज और भविष्य की योजनाएं
फिलहाल कैप्टन स्मित का इलाज अबू धाबी के एक अस्पताल में चल रहा है और वे स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार उनके सिर और दोनों हाथों में गंभीर चोटें आई हैं, सिर का ऑपरेशन हुआ है और कई टांके लगे हैं, जिन्हें भरने में वक्त लगेगा। उनके पिता ने कहा कि उनके परिवार के लिए इस समय स्मित की सेहत सबसे बड़ी प्राथमिकता है। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद वह अपनी उड़ान ड्यूटी पर वापस लौटेंगे, क्योंकि पिछले 17 वर्षों से फ्लाइंग उनका जुनून और जीवन का अहम हिस्सा रहा है।


