कर्नाटक में मतदाता सूची से नाम हटाने के आरोप में भाजपा नेताओं पर एफआईआर दर्ज
कर्नाटक के विभिन्न जिलों में मतदाता सूची से नाम हटाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिसके बाद पुलिस ने भाजपा नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह मामला मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) प्रक्रिया के दौरान फार्म-7 के कथित दुरुपयोग से जुड़ा हुआ है।

बेलगावी में दर्ज हुआ मामला
बेलगावी जिले में 198 मुस्लिम मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के आरोप में भाजपा नेता रवि पाटिल और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। बेलगावी उत्तर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 12 के बूथ लेवल एजेंट मीरासाब सनदी की शिकायत के आधार पर 30 सितंबर को बेलगावी मार्केट थाने में यह एफआइआर दर्ज की गई। शिकायत में यह आरोप लगाया गया है कि आरोपितों ने मतदाताओं के नाम हटाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए और फार्म-7 जमा किए। इसके अलावा, बूथ लेवल अधिकारी पर दबाव बनाने और फोन पर फर्जी तरीके से निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी बताकर बात करवाने के आरोप भी लगाए गए हैं।
बिदर और मैसूरु में भी कार्रवाई
बेलगावी के अलावा राज्य के अन्य हिस्सों में भी ऐसी ही अनियमितताएं सामने आई हैं। बिदर जिले में फार्म-7 के माध्यम से 3,244 मतदाताओं को कथित तौर पर स्थानांतरित दिखाने की शिकायत मिली, जिसके बाद एक अक्टूबर को 32 लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई। इसी प्रकार, मैसूरु में भी मतदाता सूची में गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद भाजपा नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
बेंगलुरु में भाजपा का प्रदर्शन
दूसरी ओर, कर्नाटक भाजपा ने बेंगलुरु पुलिस आयुक्त कार्यालय के बाहर धरना दिया। पार्टी नेताओं ने मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने की मांग की। भाजपा का आरोप है कि राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करके हाई कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया गया है। इस दौरान भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र और विपक्ष के नेता आर. अशोक सहित कई नेताओं ने पुलिस आयुक्त को ज्ञापन सौंपा।


