मेटा के एआई असिस्टेंट ‘म्यूज’ के लॉन्च, फीचर्स और सुरक्षा चिंताओं को समझें
मेटा प्लेटफॉर्म्स का नया पर्सनल एआई एजेंट ‘म्यूज’ इन दिनों तकनीक जगत में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। किसी सॉफ्ट टॉय जैसे दिखने वाले इस एआई असिस्टेंट ने लॉन्च होने के बहुत कम समय में ही भारी संख्या में डाउनलोड हासिल कर लिए हैं। हालांकि, इसके उपयोग और कार्यप्रणाली को लेकर तकनीक विशेषज्ञों ने गोपनीयता से जुड़े कई गंभीर सवाल भी उठाए हैं।

म्यूज अन्य चैटबॉट्स से कैसे अलग है?
पारंपरिक टेक्स्ट आधारित चैटबॉट्स की तुलना में म्यूज एक उन्नत पर्सनल एआई-एजेंट की तरह काम करता है, जो ‘एजेंटिक बिहेवियर’ यानी कई चरणों वाले कार्यों को अपने आप संभालने की क्षमता रखता है। यह बैकग्राउंड में स्वचालित रूप से काम कर सकता है और उपयोगकर्ता की ओर से विभिन्न डिजिटल सेवाओं के साथ संवाद स्थापित कर सकता है। सितंबर में अमेरिका और कनाडा में पेश किए जाने के बाद से इसने शुरुआती डाउनलोड के मामले में कई अन्य लोकप्रिय एआई एप्स को पीछे छोड़ दिया है। हालांकि, भारत में इसके आधिकारिक लॉन्च को लेकर अभी तक कोई निश्चित समयसीमा घोषित नहीं की गई है।
गोपनीयता और डेटा सुरक्षा को लेकर चिंताएं
विशेषज्ञों का मानना है कि इस असिस्टेंट के साथ साझा की जाने वाली जानकारी तकनीकी रूप से मेटा के पास जा सकती है। कंपनी का कहना है कि इस डेटा का इस्तेमाल विज्ञापन दिखाने के लिए नहीं किया जाएगा, बल्कि एआई मॉडल को प्रशिक्षित करने के काम लाया जा सकता है। इसके अलावा, सेटिंग्स के जरिए ऑप्ट-आउट करने का विकल्प भी मौजूद है, लेकिन विश्लेषकों का तर्क है कि इस तरह के सिस्टम को विभिन्न डिजिटल खातों और लॉगिन तक पहुंच देना जोखिम भरा हो सकता है।

सुरक्षा जोखिम और छिपे हुए प्रॉम्प्ट
म्यूज में सभी संबंधित खातों के लिए एक ‘सिक्योर क्रेडेंशियल स्टोर’ होता है, जिससे एआई-एजेंट पासवर्ड देखे बिना उनका उपयोग कर सकता है। इसके बावजूद, जानकारों का कहना है कि ईमेल या वेबसाइटों में मौजूद छिपे हुए प्रॉम्प्ट बॉट्स को भ्रमित कर सकते हैं, जिससे निजी डेटा सुरक्षित रहने पर खतरा मंडरा सकता है। कुछ शुरुआती उपयोगकर्ताओं ने अपनी निजी जानकारी या सेटिंग्स से जुड़ी अनपेक्षित गड़बड़ियों का भी जिक्र किया है, जिसके बाद ऐसे सेंसिटिव टूल्स का उपयोग करने से पहले पूरी सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।


