सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता: प्रियंका गांधी का सरकार पर निशाना
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने हाल ही में अपने बेटे और फोटोग्राफर रेहान वाड्रा की एकल प्रदर्शनी को लेकर उपजे विवाद के बीच केंद्र सरकार पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने कहा कि जब सत्ता में बैठा कोई व्यक्ति किसी अन्य की अभिव्यक्ति से डरने लगता है, तो वह यह नहीं जानता कि वह अपनी उस ताकत को पहले ही खो चुका है जिसकी वह रक्षा करने का प्रयास कर रहा है।

कलाम और प्रदर्शनों की तस्वीरें हटाने का विवाद
यह पूरा मामला दिल्ली के बीकानेर हाउस में आयोजित होने वाली रेहान वाड्रा की सोलो आर्ट प्रदर्शनी ‘नो आइडिया इज फाइनल’ से जुड़ा है। प्रदर्शनी के आयोजकों और प्रबंधन ने हाल ही में हुए दिल्ली के प्रदर्शनों से जुड़ी कई तस्वीरों को हटाने का निर्देश दिया था। रेहान वाड्रा का आरोप है कि बीकानेर हाउस प्रशासन ने उन्हें दोपहर में चेतावनी दी थी कि यदि तस्वीरें नहीं हटाई गईं तो पूरी प्रदर्शनी रद्द कर दी जाएगी, जिसके बाद लगभग 74 तस्वीरें हटानी पड़ीं।
कलाकार का पक्ष और प्रियंका का समर्थन
रेहान का कहना है कि उनकी तस्वीरों में कोई राजनीतिक संदेश नहीं था, बल्कि वे पिछले छह महीनों के दौरान हुए विरोध प्रदर्शनों का एक दस्तावेज मात्र थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि सेंसरशिप के तहत भारतीय ध्वज की तस्वीर तक को हटा दिया गया। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया पर अपने बेटे की सराहना की और लिखा कि वह हमेशा सच के साथ खड़े रहें। उन्होंने इस घटना को देश के युवाओं की आवाज को दबाने का एक प्रयास करार दिया है।


