सुप्रीम कोर्ट का आदेश: गुरुवयूर मंदिर में वृश्चिकम एकादशी पर होगी उदअस्तमन पूजा

सुप्रीम कोर्ट का आदेश: गुरुवयूर मंदिर में वृश्चिकम एकादशी पर होगी उदअस्तमन पूजा

सर्वोच्च न्यायालय ने केरल के प्रसिद्ध गुरुवयूर श्री कृष्ण मंदिर में वार्षिक ‘उदअस्तमन पूजा’ को पारंपरिक पद्धति के अनुसार आगामी 21 नवंबर को वृश्चिकम एकादशी के अवसर पर संपन्न कराने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने इस संबंध में एक आवेदन पर सुनवाई करते हुए यह अंतरिम आदेश पारित किया है।

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अदालत का अंतरिम निर्देश और परंपरा

अदालत ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि पिछले वर्ष भी इसी तरह के एक मामले पर विचार किया गया था और राहत प्रदान की गई थी। इस बार भी अंतरिम उपाय के रूप में, अदालत ने यह स्पष्ट किया है कि पूजा का आयोजन मंदिर की पुरानी परंपरा के अनुसार ही किया जाना चाहिए। इसके अलावा, न्यायालय ने गुरुवयूर देवस्वोम बोर्ड और मुख्य तंत्री को 22 अक्टूबर को भी यह विशेष पूजा आयोजित करने की अनुमति प्रदान की है।

विशेष पूजा और कानूनी प्रक्रिया

उदअस्तमन पूजा एक विशेष और लंबी धार्मिक प्रक्रिया है, जो सूर्योदय से सूर्यास्त तक चलती है। इसमें कई अनुष्ठान, हवन और अभिषेक शामिल होते हैं। यह कानूनी विवाद देवस्वोम बोर्ड के उस निर्णय से जुड़ा है जिसमें पूजा के समय में बदलाव की बात थी, जिसे पुझाक्करा चेन्नास मना के पीसी हरि और अन्य भक्तों ने अदालत में चुनौती दी थी।

मामले की सुनवाई के दौरान बोर्ड और तंत्री की ओर से वरिष्ठ वकीलों ने पक्ष रखा। सर्वोच्च न्यायालय ने लंबित अपील की सुनवाई प्रक्रिया में तेजी लाते हुए इसे दिसंबर के पहले सप्ताह के लिए सूचीबद्ध किया है। यह पूरा मामला केरल उच्च न्यायालय के दिसंबर 2024 के उस फैसले से उपजा है जो इस पारंपरिक अनुष्ठान के संचालन से संबंधित था।

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