सिक्किम में सिरी गाय के दूध से मक्खन बनाने की पहल, याक पालकों के लिए भी शुरू हुई ऋण योजना
सिक्किम में पारंपरिक पशुधन को बढ़ावा देने और किसानों की आय के नए साधन विकसित करने के लिए स्वदेशी सिरी गाय के दूध से मक्खन तैयार करने की योजना शुरू की गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में किसानों को आर्थिक रूप से अधिक मजबूत बनाना और स्थानीय उत्पादों को व्यावसायिक पहचान दिलाना है।

सिरी गाय के दूध से बनेगा मक्खन
राज्य के पशुपालन एवं पशुधन विभाग के सहयोग से सिक्किम पशुधन विकास बोर्ड ने इस उत्पाद को विकसित किया है। बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. प्रतीक कश्यप ने बताया कि इस मक्खन को बनाने में इस्तेमाल किए गए दूध के नमूनों की प्रयोगशाला में जांच कराई गई थी, जिसमें दूध ए2 प्रकार का पाया गया है। फिलहाल यह योजना शुरुआती चरण में है और इसे जल्द ही व्यावसायिक रूप से बाजार में उतारा जाएगा।
पहाड़ी क्षेत्रों की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के अनुकूल सिरी गाय सिक्किम की एक पारंपरिक और स्वदेशी नस्ल है, जिसे स्थानीय किसान लंबे समय से पालते आ रहे हैं। इस नस्ल के दूध से मूल्यवर्धित उत्पाद बनाने से पशुपालन को अधिक लाभकारी व्यवसाय बनाने में मदद मिलेगी।
याक पालकों के लिए ऋण योजना
सिरी गाय के दूध से मक्खन बनाने की प्रक्रिया के साथ-साथ याक पालकों के लिए एक नई ऋण योजना की शुरुआत भी की गई है। इन दोनों कल्याणकारी योजनाओं को केंद्र सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सहयोग से आगे बढ़ाया जा रहा है। इनका मुख्य उद्देश्य पारंपरिक पशुपालन से जुड़े लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार करना है।
सरकार की इन पहलों का लाभ सीधे तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों और किसानों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि विकास योजनाओं के माध्यम से गांवों में आर्थिक समृद्धि लाई जा सके।


