टाइगर श्रॉफ गोलीबारी मामला: पल्सर बाइक बनी मुख्य सुराग, पुलिस कर रही मालिकाना हक की जांच
मुंबई पुलिस अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हाल ही में हुई गोलीबारी की घटना की जांच तेजी से आगे बढ़ा रही है। इस सनसनीखेज मामले में वारदात के दौरान इस्तेमाल की गई पल्सर 220 मोटरसाइकिल एक अहम और बड़ा सुराग साबित हो रही है। पुलिस इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि क्या इस दोपहिया वाहन को विशेष रूप से इस हमले और रेकी को अंजाम देने के लिए ही खरीदा गया था।

पल्सर 220 बाइक से जुड़ा जांच का दायरा
शुरुआती छानबीन में पता चला है कि यह मोटरसाइकिल 11 सितंबर को खरीदी गई थी और घटना के ठीक एक दिन बाद अंधेरी वेस्ट रेलवे स्टेशन के पास लावारिस हालत में बरामद की गई थी। पुलिस रिकॉर्ड और सूत्रों के मुताबिक, फायरिंग की इस वारदात से पहले इस बाइक के मालिकाना हक को लेकर कई बार लेनदेन हो चुका था। यह वाहन पहले जोगेश्वरी के एक व्यक्ति के पास था, जिसने इसे आगे बेचा था।
आरोपियों ने वारदात से कुछ हफ्ते पहले ही इस बाइक को खरीदा था। हालांकि भुगतान पूरा होने के बावजूद तीसरे व्यक्ति के नाम से वाहन के दस्तावेज ट्रांसफर नहीं किए गए थे। कागजी कार्रवाई पूरी करने की योजना नवरात्रि के बाद की थी, और अब पुलिस इस पूरी चेन की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान और स्थिति
मामले में गिरफ्तारी के बाद पुलिस उपायुक्त (DCP) राज तिलक रौशन ने स्पष्ट किया है कि घटना से जुड़े सभी आरोपी बालिग हैं। शुरुआती मीडिया रिपोर्टों में एक आरोपी के नाबालिग होने का दावा किया गया था, जिसे पुलिस ने सिरे से खारिज कर दिया है।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान बिहार के बेगूसराय निवासी ऋतिक (जो बाइक चला रहा था), हरियाणा के सोनीपत निवासी रेहान और फूल सिंह के तौर पर हुई है। इन सभी की उम्र 18 से 22 वर्ष के बीच बताई गई है।
वायरल ऑडियो और अन्य कनेक्शन
इस बीच सोशल मीडिया पर एक ऑडियो रिकॉर्डिंग तेजी से वायरल हो रही है, जिसका संबंध पानीपत के एक व्यक्ति से बताया जा रहा है। इस वायरल ऑडियो में दावा किया गया है कि अभिनेता को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि उन्होंने चेतावनियों को नजरअंदाज किया था। हालांकि, पुलिस इस ऑडियो और अन्य एंगल की प्रामाणिकता की पुष्टि करने के लिए लगातार जांच कर रही है।


