टाइगर श्रॉफ पर हमले का मामला: सूरत रेलवे स्टेशन पर भागे आरोपी, कोटा से धरे गए
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए जानलेवा हमले से जुड़ी एक बड़ी जानकारी सामने आई है। सूरत रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि हमले के तीनों संदिग्ध प्लेटफॉर्म पर तेजी से दौड़ रहे हैं और चलती ट्रेन के सामान्य डिब्बे में सवार हो रहे हैं। पुलिस की छानबीन में यह बात उजागर हुई है कि ये सभी आरोपी इस वारदात को अंजाम देने के बाद नेपाल की तरफ भागने की जुगत में थे।

स्टेशन के सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए संदिग्ध
वायरल फुटेज और सीसीटीवी रिकॉर्डिंग के मुताबिक, ये संदिग्ध रात के वक्त करीब 1:31 बजे सूरत रेलवे स्टेशन के निकास द्वार से अंदर दाखिल हुए थे। पुलिस के अनुसार, ये तीनों लोग महाराष्ट्र पासिंग वाली एक टैक्सी के जरिए सड़क मार्ग से सूरत आए और फिर वहां से ट्रेन पकड़ी। यह सनसनीखेज घटना रविवार की रात मुंबई के जुहू क्षेत्र में स्थित एक फुटबॉल क्लब के बाहर घटी थी। हमलावरों ने टाइगर श्रॉफ की गाड़ी को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक हमलावर दोनों हाथों में बंदूक पकड़कर फायरिंग कर रहा है, जबकि दूसरा टोपी लगाए हुए व्यक्ति उसके साथ गोलियां चला रहा है। इसके बाद तीनों एक बाइक पर सवार होकर वहां से भाग निकले थे।
कोटा में पुलिस की गिरफ्त में आए शूटर
इस खतरनाक घटना को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने अंधेरी वेस्ट रेलवे स्टेशन के नजदीक अपनी मोटरसाइकिल लावारिस छोड़ दी थी। इसके बाद वे बोरीवली की तरफ जाने वाली लोकल ट्रेन में बैठे और फिर टैक्सी लेकर सूरत पहुंचे। पुलिस ने बताया कि इस हमले में टाइगर श्रॉफ को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और वे सुरक्षित बच गए, लेकिन उनका ड्राइवर और एक ऑटो चालक घायल हो गए। शुरुआती जांच में यह भी बात सामने आई है कि इस आपराधिक साजिश को पूरा करने के लिए उन्हें 50,000 रुपये अग्रिम राशि के रूप में दिए गए थे। राजस्थान के कोटा शहर में पुलिस और एजीटीएफ के संयुक्त अभियान के तहत इन शूटरों को पुणे-जयपुर एक्सप्रेस ट्रेन से पकड़ लिया गया।
दिल्ली के रास्ते नेपाल जाने की थी फिराक में
पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आई है कि ये आरोपी ट्रेन से पहले दिल्ली और फिर वहां से नेपाल देश में घुसने की योजना बना रहे थे। वे एक-दूसरे से संपर्क साधने और अपनी लोकेशन साझा करने के वास्ते टेलीग्राम और सिग्नल जैसे एप्लीकेशन का इस्तेमाल कर रहे थे। हालांकि, कानून प्रवर्तन एजेंसियों को अभी तक उस हथियार की बरामदगी करनी बाकी है जिसका उपयोग गोलीबारी के दौरान किया गया था। पुलिस के मुताबिक, इस हमले को अंजाम देने की सुपारी लॉरेंस गिरोह के अनिल पंडित द्वारा दी गई थी।


