चुनाव आयोग ने जारी किया नया कार्य वितरण आदेश, विपक्षी दलों के आरोपों के बीच फैसला
भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने वरिष्ठ अधिकारियों के लिए एक नया कार्य वितरण आदेश जारी किया है। यह आदेश ऐसे समय में सामने आया है जब विपक्षी दल चुनाव पैनल पर लगातार सवाल खड़े कर रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग कर रहे हैं। आयोग के इस कदम को प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।

विपक्षी दलों के आरोप और मांगें
देश के विपक्षी दलों के INDIA ब्लॉक ने चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और ‘वोट चोरी’ के मुद्दों को लेकर चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और आईटी महानिदेशक सीमा खन्ना को उनके पदों से हटाने की मांग की है। विपक्षी गठबंधन ने हाल ही में राष्ट्रीय राजधानी में एक रैली के दौरान इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था और अपनी लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया था।
आईटी महानिदेशक की रिपोर्टिंग संरचना में कोई बदलाव नहीं
बुधवार को जारी किए गए नए कार्य वितरण के अनुसार, आईटी महानिदेशक सीमा खन्ना अपने विभाग से जुड़ी फाइलें और आईटी व शिकायत से जुड़े कार्य डीईसी स्तर के अधिकारी को सौंपेंगी और उन्हीं को रिपोर्ट करेंगी। आयोग के सूत्रों का कहना है कि यह कार्य वितरण आदेश एक सामान्य प्रक्रिया है जो समय-समय पर की जाती है। सूत्रों ने यह भी स्पष्ट किया है कि सीमा खन्ना की रिपोर्टिंग संरचना में कोई बदलाव नहीं किया गया है और वह पहले की तरह ही डीईसी स्तर के अधिकारी को रिपोर्ट करती रहेंगी।
मतदाताओं के लिए आयोग का स्पष्टीकरण
इससे पहले चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया था कि जिन मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं, वे नए सिरे से फॉर्म 6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं। आयोग ने यह भी साफ किया कि ऐसा करने पर मतदाताओं को किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि फॉर्म 6 में दी जाने वाली घोषणा प्रक्रिया के नियमों के तहत ही है।


