तेलंगाना में चर्चित शिवा सत्थु हत्याकांड का खुलासा, यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग बनी हत्या की वजह
तेलंगाना के यादद्री भुवनगिरी जिले के चौतुप्पल इलाके में पारंपरिक अनुष्ठान करने वाले 50 वर्षीय रालाबंदी सुधाकर स्वामी, जिन्हें ‘शिवा सत्थु’ के नाम से जाना जाता था, की हत्या के मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, इस सनसनीखेज वारदात के पीछे यौन उत्पीड़न और एक निजी वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने का मामला जुड़ा हुआ है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

चौतुप्पल पुलिस थाने में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान पुलिस अधिकारियों ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मृतक सुधाकर स्वामी अविवाहित थे और विभिन्न धार्मिक उत्सवों में अनुष्ठान संपन्न कराते थे। पुलिस जांच में सामने आया कि सुधाकर स्वामी की मुलाकात असम के गुवाहाटी स्थित कामाख्या मंदिर में लगभग दो वर्ष पहले मध्य प्रदेश के रहने वाले 21 वर्षीय पवन कुमार से हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच संबंध बने थे।
आपत्तिजनक वीडियो और ब्लैकमेलिंग
पुलिस का आरोप है कि सुधाकर स्वामी ने करीब दो महीने पहले पवन कुमार के साथ एक निजी मुलाकात का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया था। इसके आधार पर वह लगातार पवन को परेशान कर रहे थे और सार्वजनिक करने की धमकी देकर अपने पास बुलाते थे। पिछले महीने ही पवन का विवाह हुआ था, जिसके बाद उसने इस कथित उत्पीड़न से छुटकारा पाने और सुधाकर के पास मौजूद कीमती सामान को हथियाने की साजिश रची।

इस साजिश में पवन ने अपने 24 वर्षीय दोस्त हर्ष संतोष पांडे को भी शामिल किया। दोनों ने शनिवार रात चौतुप्पल स्थित सुधाकर के घर पहुंचकर उनके हाथ-पैर बांध दिए और चाकू मारकर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी मृतक की कार में सवार होकर सोना, चांदी, नकदी और आईफोन लेकर फरार हो गए।
फास्टैग अलर्ट से पकड़े गए आरोपी
मामले की जांच उस वक्त तेजी से आगे बढ़ी जब नागपुर हाईवे पर कार के मूवमेंट के दौरान फास्टैग नोटिफिकेशन मृतक के परिवार के एक सदस्य के फोन पर पहुंच गए। पुलिस ने तुरंत टोल प्लाजा कर्मियों और स्थानीय टीमों को सतर्क कर दिया। निर्मल जिले के गंजल टोल प्लाजा के पास पुलिस ने घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया और दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
- आरोपियों के पास से लूटा गया सारा सोना, चांदी और नकदी बरामद कर ली गई है।
- अदालत में पेश करने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में नलगोंडा जेल भेज दिया गया है।
- पुलिस टीम ने घटना के कुछ ही घंटों के भीतर आरोपियों को धर दबोचा।


