अमेरिकी मिडटर्म चुनाव: कांग्रेस में बहुमत जाने के बावजूद तुरंत कम नहीं होगी ट्रंप की ताकत
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के परिणामों के बीच यदि रिपब्लिकन पार्टी कांग्रेस (संसद) का नियंत्रण खो देती है, तब भी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की नीतियां तय करने और उन्हें लागू करने की क्षमता पर तुरंत कोई बड़ा असर पड़ने की संभावना नहीं है। जानकारों के अनुसार, कार्यकारी आदेशों पर बढ़ती निर्भरता और मौजूदा कांग्रेस के कार्यकाल के आखिरी सत्र में विधेयक पारित कराने की संभावनाएं इसके मुख्य कारण हैं।

कार्यकारी आदेशों और शक्तियों का बड़ा इस्तेमाल
ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान नीतियों को अमलीजामा पहनाने के लिए कार्यकारी आदेशों, टैरिफ, आपातकालीन शक्तियों और नियामकीय बदलावों का बड़े पैमाने पर सहारा लिया है। वह अब तक कुल 292 कार्यकारी आदेश जारी कर चुके हैं, जो कि 1981 के बाद से किसी भी राष्ट्रपति द्वारा अपने पूरे चार साल के कार्यकाल में जारी किए गए आदेशों से अधिक हैं। उनके पहले कार्यकाल में भी 220 कार्यकारी आदेश जारी किए गए थे।
‘लेम-डक’ सत्र और विधायी बढ़त का अवसर
नवंबर से जनवरी के बीच मौजूदा कांग्रेस का आखिरी सत्र होता है, जिसे ‘लेम-डक’ सत्र कहा जाता है। इस समयावधि में नई कांग्रेस के कार्यभार संभालने से पहले मौजूदा सदस्य ही कामकाज संभालते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसे सत्रों के दौरान कानून पारित होने का अनुपात पहले के मुकाबले काफी बढ़ा है, जिससे ट्रंप प्रशासन के पास अपने एजेंडे से जुड़े विधेयकों को आगे बढ़ाने का अवसर मिल जाता है।
हालांकि कांग्रेस का नियंत्रण बदलने से ट्रंप की राजनीतिक मुश्किलें अवश्य बढ़ सकती हैं, लेकिन नीतियां लागू करने के उनके तमाम रास्ते फौरन बंद नहीं होंगे। कार्यकारी आदेशों की यह रणनीति प्रशासन को आगे भी अपनी नीतियां जारी रखने में मदद करती है।


