Don’t Quit. अपनी जीत सुनिश्चित करें

Don’t Quit. एक बार की बात है एक आदमी रोज जब दफ्तर से वापस घर आता था तो घर के पास ही कुत्ते के प्यारे से कुछ पिल्ले रोज उसके पास आकर उसे घेर लेते थे क्योंकि वो रोज उन्हें बिस्कुट खिलाता था। ये सिलसिला कुछ दिनों से चल रहा था।  जब भी वह आदमी घर आता पिल्ले उसे घर के गेट के पास घेर आकर घेर लेते और उसके पैर चूमने लगते। वो हर पिल्ले को करीब चार से पांच बिस्कुट खाने को देता था और पिल्ले खुशी-खुशी बिस्कुट खाकर खेलते कूदते हुए वापस चले जाते थे।

IMG-20230503-WA0000-300x32 Don't Quit. अपनी जीत सुनिश्चित करें

एक दिन उस आदमी को आफ़िस में देर तक रुकना पड़ा। जब वो दफ़्तर से वापस आया तो रात हो चुकी थी। लेकिन वो जैसे ही घर पहुँचा रोजाना की भांति पिल्लों ने उसे घेर लिया और उसके पैर चूमने लगे। घर के अंदर आने पर उसने देखा कि घर मे बिस्कुट  खत्म हो गए है। रात भी काफी हो गई थी, इस वक़्त दुकान का खुला होना भी मुश्किल था। लेकिन सभी पिल्ले बिस्कुट का इंतज़ार कर रहे थे।

Screenshot_20240730-183343_Instagram-300x259 Don't Quit. अपनी जीत सुनिश्चित करें

उसने सोचा कोई बात नही कल खिला दूंगा और ये सोचकर उसने घर का दरवाजा बंद कर लिया।

पिल्ले अभी भी बाहर उसका इंतजार कर रहे थे। ये देखकर उसका मन विचलित हो गया।

तभी उसे याद आया की घर मे मेहमान आये थे, जिनके लिए वो काजू बादाम वाले बिस्कुट लाया था।

उसने फटाफट डब्बा खोला तो देखा कि उसमें 4-5  बिस्कुट बाकी थे। उसके मन मे ख्याल आया कि इतने से बिस्कुट से इन पिल्लों का तो कुछ नही होगा, एक का भी पेट नही भरेगा। पर सोचा कि चलो जितने हैं उतने ही खिला देता हूं। कुछ न से कुछ तो है। आज कम खा लेंगे, परंतु चले तो जायेंगे।

उन बिस्कुट को लेकर जब वो बाहर आया तो देखा कि सारे पिल्ले जा चुके थे। सिर्फ एक पिल्ला उसके इंतज़ार में अभी भी इस विश्वास के साथ बैठा था कि कुछ तो जरूर मिलेगा। उसे बहुत आश्चर्य हुआ। उसने वो सारे बिस्किट उस एक पिल्ले के सामने डाल दिये।

WhatsApp-Image-2023-04-19-at-12.15.02-PM-2-300x169 Don't Quit. अपनी जीत सुनिश्चित करें

वो पिल्ला बड़ी खुशी के साथ वो सब बिस्कुट खा गया और फिर खुशी-खुशी वहां से चला गया। भला वो पिल्ला खुश होता भी क्यों न? आज जो उसे मिला वो रोजाना के मिलने से कहीं बेहतर व उच्च श्रेणी का था। आज बिस्कुट काजू और क्रीम वाले थे।

बाद में उस आदमी ने सोचा कि हम मनुष्यों के साथ भी तो यही होता है। जब तक ईश्वर हमे देता रहता है, तब तक हम खुश रहते है उसकी भक्ति करते है उसके फल का इंतज़ार करते है। लेकिन भगवान को जरा सी देर हुई नही की हम ईश्वर पर और उसकी भक्ति पर संदेह करने लगते है। दूसरी तरफ जो उसपर विश्वास बनाये रखता है, उसे उसके विश्वास से ज्यादा मिलता है।

इसलिये अपने प्रभु पर विश्वास बनाये रखे। अपने विश्वास को किसी भी परिस्थिति में डिगने ना दे। अगर देर हो रही है इसका मतलब है कि प्रभु आपके लिए कुछ अच्छा करने में लगे हुए है।

सदैव स्मरण रहे कि विनर और लूजर के संघर्ष में ज्यादा फर्क नहीं होता। बस कुछ क्षणों का ही फर्क होता विजय और पराजय के निर्धारण में। लूजर कुछ क्षण पहले मैदान छोड़ देता है जबकि विनर कुछ अधिक क्षण तक मैदान में डटा रहता है।

Share this content:

Previous post

देहरादून के श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज में गुरुवार को “एथिक्स एंड गुड क्लीनिकल प्रैक्टिस” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।

Next post

जानिये: 108 बार मंत्र जप करने का महत्त्व। किसी भी मंत्र को 108 बार जप करने को क्यों कहा जाता है?

Post Comment