देहरादून का आपदा कंट्रोल रूम बनेगा ‘ए-क्लास’: बंसल
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आपदा पर तत्काल रिस्पॉन्स और संसाधनों की तैनाती पर विशेष बल, जल्द होगा डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन
देहरादून: मुख्यमंत्री के त्वरित आपदा प्रतिक्रिया संबंधी निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी सविन बंसल ने बुधवार को देहरादून के एकीकृत आपदा नियंत्रण केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने आपदा नियंत्रण और संसाधन प्रबंधन को “ए-क्लास” स्तर का बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य की राजधानी होने के नाते जिले की प्रतिक्रिया प्रणाली उच्चतम मानकों की होनी चाहिए।
डीएम ने बताया कि कंट्रोल रूम को जल्द ही डिजिटल प्लेटफॉर्म में बदला जाएगा। इसकी दीवारों पर तहसीलों, थानों, प्रमुख मार्गों, अस्पतालों और आवश्यक सेवाओं के जीआईएस मैप लगाए जाएंगे, जिनका संचालन एक विशेष जीआईएस टीम करेगी। इसके साथ ही रियल टाइम डिस्प्ले स्क्रीन और रेपिड वायरलेस कम्युनिकेशन नेटवर्क की स्थापना भी की जा रही है, जो जिले में पहली बार होगा।
मानसून को देखते हुए डीएम ने निर्देश दिए कि लोक निर्माण विभाग (लोनिवि), एनएच, जल संस्थान, यूपीसीएल व पेयजल विभाग के जेई (जूनियर इंजीनियर) दो शिफ्टों में कंट्रोल रूम में प्रतिदिन मौजूद रहेंगे और अपनी विभागीय शिकायतों का उसी दिन समाधान सुनिश्चित करेंगे।
अब तक जिले में प्राप्त 125 शिकायतों (पेयजल संकट, सड़क अवरोध, भूस्खलन) में से 122 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है।
डीएम ने निर्देश दिए कि मसूरी, चकराता, त्यूणी, रायपुर, डोईवाला जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में, जहां भूस्खलन की आशंका अधिक रहती है, वहां जेसीबी मशीनें पूर्व से ही तैनात रहेंगी। संबंधित विभागों (लोनिवि, एनएच, पीएमजीएसवाई) को निर्देश दिए गए हैं कि इनकी मॉनिटरिंग नियमित रूप से की जाए और जेसीबी चालकों व एसई (सहायक अभियंता) के नंबर कंट्रोल रूम में चस्पा किए जाएं।
आपदा नियंत्रण की संरचना में व्यापक सुधार
पुलिस की ड्यूटी वायरलेस सेट पर सुनिश्चित की जाएगी
सभी लैंडलाइन व मोबाइल नंबर दीवारों पर स्पष्ट रूप से चस्पा होंगे
कंट्रोल रूम में खराब उपकरणों को निष्प्रयोज्य घोषित किया जाएगा
आपदा प्रबंधन की सभी रिक्तियां शीघ्र भरी जाएंगी
थानों व तहसीलों में लगेंगे हाई-क्वालिटी सायरन
राज्य में पहली बार, जिले के सभी थानों व तहसीलों पर उच्च गुणवत्ता के आपातकालीन सायरन लगाने की योजना अंतिम चरण में है।
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