उत्तराखंड में विदेशी भाषा प्रशिक्षण से बढ़ेंगे वैश्विक रोजगार अवसर: मुख्य सचिव

देहरादून: मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में प्रदेश के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार के लिए तैयार करने हेतु विदेशी भाषा प्रशिक्षण, स्किल डेवलपमेंट और संस्थागत सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया।

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मुख्य सचिव ने दून विश्वविद्यालय एवं कुमाऊं विश्वविद्यालय के लैंग्वेज स्कूलों को और अधिक मजबूत, व्यावहारिक एवं प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संचालित सरकारी नर्सिंग प्रशिक्षण कार्यक्रमों में विदेशी भाषा को अनिवार्य किए जाने अथवा इच्छुक प्रशिक्षणार्थियों को उनकी पसंद की भाषा का प्रशिक्षण दिए जाने की संभावनाओं पर गंभीरता से अन्वेषण किया जाए।

उन्होंने प्रदेशभर में विकसित किए जा रहे पुस्तकालयों में आधुनिक भाषा लैब जोड़े जाने के निर्देश भी दिए। कहा कि इससे पुस्तकालयों में आने वाले छात्र-छात्राएं ऑडियो-विजुअल माध्यमों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए विदेशी भाषाएं सीख सकेंगे, जिससे उनकी वैश्विक रोजगार संभावनाएं सुदृढ़ होंगी।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं को विदेशी भाषा सीखने के लिए निरंतर प्रेरित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने विदेश रोजगार प्रकोष्ठ एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को क्रेडिट आधारित विदेशी भाषा लर्निंग प्रोग्राम संचालित करने के निर्देश दिए, ताकि विभिन्न ट्रेड और कोर्स में अध्ययनरत युवा भाषा प्रशिक्षण को अपने कौशल विकास से जोड़ सकें।

उन्होंने जापान, जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के दूतावासों से संपर्क कर उनके सुझाव प्राप्त करने तथा उच्च गुणवत्ता वाली भाषा प्रशिक्षण एजेंसियों को हायर करने की संभावना पर भी बल दिया। साथ ही, दूतावासों के माध्यम से विदेशी नियोक्ताओं से सीधे संपर्क कर रोजगार अवसर सृजित करने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए, जिससे प्रदेश के युवाओं को सीधे अंतरराष्ट्रीय प्लेसमेंट मिल सके।

मुख्य सचिव ने कहा कि विदेश रोजगार प्रकोष्ठ के पास उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर विदेशों में उपलब्ध जॉब प्रोफाइल और रिक्तियों की जानकारी प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं तक पहुंचाई जाए, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को सही अवसर मिल सकें। इस जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक युवाओं को विदेशों में रोजगार से जोड़ा जाए।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विदेशी रोजगार के साथ-साथ आंतरिक रोजगार सृजन पर भी निरंतर कार्य किया जाना चाहिए। प्रदेश के युवाओं को बहु-कुशल (Multi-skilled) बनाने और वर्तमान एवं भविष्य की जरूरतों के अनुरूप नए कोर्स संचालित करने पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में सचिव सी. रविशंकर ने जानकारी दी कि विदेश रोजगार प्रकोष्ठ में अब तक कुल 206 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है, जिनमें से नवम्बर 2025 तक 76 युवाओं को विदेशों में रोजगार प्राप्त हो चुका है। उन्होंने बताया कि नवाचार योजना के तहत राज्य के नर्सिंग कॉलेजों में 248 अभ्यर्थियों को जर्मन, 35 को जापानी, 62 को फ्रेंच, 11 को स्पेनिश तथा 185 अभ्यर्थियों को अंग्रेजी भाषा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

बैठक में सचिव शैलेश बगौली, रविनाथ रमन, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, अपर सचिव रोहित मीणा एवं मनुज गोयल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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