स्पैम कॉल रोकने के लिए ट्राई के नए सख्त नियम लागू, मिलेगी राहत
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने मोबाइल उपयोगकर्ताओं को परेशान करने वाली स्पैम कॉल्स पर लगाम कसने के लिए नए और सख्त नियम लागू कर दिए हैं। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य देश के मोबाइल ग्राहकों को अनचाही वाणिज्यिक कॉल्स और संदेशों से बड़ी राहत दिलाना है। इस साल फरवरी महीने में नियामक की ओर से एक मसौदा जारी किया गया था, जिस पर विभिन्न पक्षों से विचार-विमर्श के बाद अब अंतिम दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं।

एआई तकनीक से होगी संदिग्ध कॉल्स की जांच
नए प्रावधानों के तहत यदि किसी फोन कॉल पर स्पैम या व्यावसायिक गतिविधि का संदेह होता है, तो संबंधित टेलीकॉम ऑपरेटर तुरंत उसकी लाइन की जांच करेगा। इस तरह की जानकारी को अन्य दूरसंचार कंपनियों के साथ भी साझा किया जाएगा। शक गहराने पर संदिग्ध कॉल्स करने वालों की दोबारा केवाईसी प्रक्रिया और अन्य जांच पड़ताल की जा सकती है। कंपनियों द्वारा इन मामलों की पहचान और त्वरित कार्रवाई के लिए अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिस्टम का उपयोग किया जाएगा।
शिकायत और अपील की नई व्यवस्था
नियमों के मुताबिक किसी भी कॉलर के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के लिए 10 दिनों के भीतर कम से कम पांच या उससे अधिक शिकायतें प्राप्त होना अनिवार्य किया गया है। यदि कोई उपभोक्ता अपनी स्पैम शिकायत के समाधान से नाखुश रहता है, तो वह पंद्रह दिनों के भीतर अपीलीय प्राधिकारी के पास अपनी अपील दर्ज करा सकता है। इसके अलावा, यदि कोई ग्राहक किसी उत्पाद या सेवा के संबंध में पूछताछ करता है, तो संबंधित कंपनी को अगले सात दिनों के भीतर ही फॉलो-अप कॉल करने की अनुमति होगी।
एप और लैपटॉप आधारित कॉल्स पर भी शिकंजा
अक्सर स्पैम करने वाले पारंपरिक मोबाइल नेटवर्क के बजाय विभिन्न एप्लीकेशन या लैपटॉप के माध्यम से कॉल करते हैं। इस प्रकार की आधुनिक तकनीकों से होने वाली अनचाही कॉल्स को भी अब नए नियमों के दायरे में शामिल किया गया है। दूरसंचार कंपनियों को इन माध्यमों से आने वाली कॉल्स के खिलाफ भी सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे ग्राहकों को हर तरफ से सुरक्षा मिल सके।


