कुकरेड़ा सिंचाई योजना को लेकर विवाद गहराया, सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद भी असंतुष्ट हैं शिकायतकर्ता

कुकरेड़ा सिंचाई योजना को लेकर विवाद गहराया, सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद भी असंतुष्ट हैं शिकायतकर्ता

उत्तरकाशी जिले के मोरी क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत कुकरेड़ा के खूनीगाड़ में बनी सिंचाई योजना को लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर की गई शिकायत के बावजूद विवाद बना हुआ है। शिकायतकर्ता ने विभागीय अधिकारियों की जांच रिपोर्ट को खारिज करते हुए आरोप लगाया है कि मौके पर कोई ठोस कार्य नहीं हुआ है, जबकि ऑनलाइन पोर्टल पर योजना को पूरी तरह सुचारू और ठीक बताया जा रहा है। इस मामले में लगातार असंतोष जताए जाने के बाद अब प्रकरण की नए सिरे से निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठ रही है।

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सिंचाई योजना पर क्या हैं मुख्य आरोप?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला लघु सिंचाई विभाग से जुड़ा हुआ है। शिकायतकर्ता का कहना है कि वर्ष 2023-24 के दौरान गूल निर्माण के लिए स्वीकृत की गई धनराशि के अनुरूप धरातल पर काम नहीं किया गया है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि विभिन्न लंबाइयों के कार्यों के लिए लाखों रुपये खर्च होने का दावा किया गया है, लेकिन वास्तविक स्थिति कागजी दावों से अलग है। कई बार स्थलीय निरीक्षण किए जाने के बावजूद समस्या का समाधान न होने पर शिकायतकर्ता ने पोर्टल पर भ्रामक रिपोर्ट लगाने के आरोप लगाए हैं।

विभाग का क्या है पक्ष?

दूसरी ओर, विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत की गई रिपोर्ट में योजना को पूरी तरह से दुरुस्त बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण किया था और मौके पर गूल में पानी सुचारू रूप से बहता हुआ पाया गया था। जांच से संबंधित तस्वीरें और आख्या भी पोर्टल पर अपलोड किए जाने की बात कही गई थी। हालांकि, शिकायतकर्ता द्वारा लगातार आपत्ति दर्ज कराने के बाद इस मामले को उच्च स्तर पर अन्य अधिकारी से जांच कराने के लिए आगे बढ़ाया गया है।

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निष्पक्ष जांच की आवश्यकता

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि विभागीय निरीक्षण में सब कुछ सही पाया गया है, तो स्थानीय स्तर पर असंतोष क्यों बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्थिति स्पष्ट करने के लिए स्वीकृत लागत, माप पुस्तिका, भुगतान विवरण और मौके की वर्तमान स्थिति का स्वतंत्र टीम द्वारा मिलान कराया जाना जरूरी है ताकि कागजी कार्रवाई और जमीन पर हुए काम का सच सामने आ सके।

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