एशियन गेम्स 2026: चोट के बावजूद एम श्रीशंकर ने जीता सिल्वर मेडल, परिवार में खुशी का माहौल
जापान के आइची-नागोया में आयोजित 2026 एशियन गेम्स में भारतीय लॉन्ग जंपर एम श्रीशंकर ने चोट के बावजूद शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। उनके इस प्रदर्शन से पलक्कड़ स्थित उनके घर में जश्न का माहौल है, जहां शुरुआती चिंताएं जल्द ही खुशी के आंसुओं में बदल गईं।

श्रीशंकर की मां केएस बिजीमोल ने बताया कि चौथे प्रयास के दौरान उनके बेटे को पैर में चोट लग गई थी, जिससे परिवार काफी चिंतित था। हालांकि, उनके दूसरे प्रयास में लगाई गई 8.07 मीटर की छलांग देश के लिए रजत पदक पक्की करने के लिए काफी साबित हुई। चोट के कारण वह अपने अंतिम दो प्रयास नहीं कर सके, लेकिन उनका पिछला स्कोर पदक सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त था।
परिवार का खेल से पुराना नाता
एथलेटिक्स इस परिवार के लिए नया नहीं है। श्रीशंकर के पिता और कोच एस मुरली एक पूर्व अंतरराष्ट्रीय ट्रिपल जंपर और दक्षिण एशियाई खेलों के रजत पदक विजेता रह चुके हैं। वहीं, उनकी मां बिजीमोल भी पूर्व अंतरराष्ट्रीय एथलीट और एशियाई जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप की पदक विजेता रह चुकी हैं। खेल के माहौल में पले-बढ़े श्रीशंकर ने कई कठिन दौर और चोटों का सामना करते हुए यह मुकाम हासिल किया है।

चोट के बाद शानदार वापसी
करियर के दौरान कई बड़ी बाधाओं को पार करने वाले श्रीशंकर के लिए यह पदक एक लंबी और कठिन वापसी की कहानी का हिस्सा है। अप्रैल 2024 में ट्रेनिंग के दौरान उनके पटेला टेंडन में गंभीर चोट लग गई थी, जिसके कारण उन्हें पेरिस ओलंपिक से भी बाहर होना पड़ा था। लंबी सर्जरी और कड़े पुनर्वास कार्यक्रम से गुजरने के बाद उन्होंने मैदान पर वापसी की और एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी काबिलियत साबित कर दिखाई।


