G20 बैठक में खाद्य सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला को लेकर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का बड़ा बयान
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि खाद्य आपूर्ति श्रृंखला के दुरुपयोग और देशों द्वारा घरेलू खाद्य सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अपनाए जाने वाले वैध उपायों के बीच साफ अंतर किया जाना चाहिए। अमेरिका के मिलwaukee में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि हमारा साझा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना होना चाहिए कि भोजन हमेशा सुरक्षा, स्थिरता और आपसी सहयोग का माध्यम बना रहे।

जी20 बैठक का मुख्य सत्र
यह चर्चा ‘कोर्सिव ट्रेड एक्शन के माध्यम से भोजन का हथियार बनना’ विषय पर आधारित सत्र के दौरान हुई। इस सत्र में वैश्विक व्यापार से जुड़े कई गंभीर मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जेमिसन ग्रीर ने भी इस वर्ष जी20 की अध्यक्षता के दौरान चार प्रमुख कार्यधाराओं पर ध्यान केंद्रित किए जाने का जिक्र किया, जिसमें खाद्य सुरक्षा, संरचनात्मक अतिरिक्त क्षमता, सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र (MFN) सिद्धांत और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में जबरन श्रम जैसे गंभीर विषय शामिल रहे।
खाद्य सुरक्षा और व्यापारिक नीतियां
चर्चा के दौरान वैश्विक बाजारों में गैर-बाजार नीतियों के कारण होने वाले अतिरिक्त उत्पादन और उसके सीमा पार प्रभावों पर भी रोशनी डाली गई। इसके अलावा, श्रम से जुड़े मुद्दों और वैश्विक व्यापार प्रणाली में निष्पक्षता बनाए रखने को लेकर विभिन्न पहलुओं पर विचार साझा किए गए। मंत्री पीयूष गोयल की इस टिप्पणी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि वैश्विक व्यापार नियमों के तहत खाद्य सुरक्षा से जुड़े राष्ट्रीय प्रयासों को नुकसान न पहुंचे।


