बचपन की साइकिल सीखने की कला में आया बदलाव, स्कूलों ने अपनाया वैज्ञानिक तरीका

बचपन की साइकिल सीखने की कला में आया बदलाव, स्कूलों ने अपनाया वैज्ञानिक तरीका

बचपन का सबसे पहला और यादगार पड़ाव अक्सर ट्राई-साइकिल चलाना और अपनों से तारीफ पाना रहा है। जीवन के किसी भी अहम मोड़ की सबसे शानदार मिसाल वह होती थी, जब बच्चा पहली बार बिना पिता या बड़े भाई के सहारे के साइकिल चलाना सीखता था। पिछली पीढ़ियों ने यह कौशल गलियों, कॉलोनियों और चौराहों पर गिरते-संभलते हुए सीखा था, जहां पीछे से साइकिल थामने वाले हाथ के अचानक छूट जाने पर बड़ा होने का अहसास होता था।

e0a4ace0a49ae0a4aae0a4a8-e0a495e0a580-e0a4b8e0a4bee0a4-real-1 बचपन की साइकिल सीखने की कला में आया बदलाव, स्कूलों ने अपनाया वैज्ञानिक तरीका

स्कूलों में पैडल-फ्री बैलेंस-बाइक का चलन

आज के समय में बच्चों का यह अनुभव एक नए स्तर पर पहुंच चुका है। किंडरगार्टन के बच्चों को अब स्कूलों के जिम या खेल के मैदान में पैडल-फ्री बैलेंस-बाइक दी जाती है। सुरक्षा उपकरणों से लैस ये बच्चे पैरों के सहारे बाइक को आगे बढ़ाते हैं और ट्रैफिक-कोन के जरिए तय किए गए रास्तों पर अभ्यास करते हैं। इस दौरान शिक्षक बच्चों को शरीर का संतुलन, कोर स्टेबिलिटी और बॉडी-अवेयरनेस जैसे जरूरी कौशल सिखाते हैं।

शारीरिक शिक्षा का हिस्सा बन रही है बाइकिंग

अमेरिका के दो हजार से अधिक एलिमेंट्री स्कूलों ने बाइक राइडिंग को अपनी फिजिकल एजुकेशन का मुख्य हिस्सा बना लिया है। आठ चरणों वाले इस पाठ्यक्रम में बच्चों को पहले बाइक के साथ चलना, सही आकार की बाइक चुनना और फिर दोनों पैर उठाकर संतुलन बनाना सिखाया जाता है। इस वैज्ञानिक और चरणबद्ध प्रशिक्षण से बच्चों को सीखने के लिए किसी बड़े के सहारे का इंतजार नहीं करना पड़ता है।

e0a4ace0a49ae0a4aae0a4a8-e0a495e0a580-e0a4b8e0a4bee0a4-real-2 बचपन की साइकिल सीखने की कला में आया बदलाव, स्कूलों ने अपनाया वैज्ञानिक तरीका

सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के अनमोल सबक

इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में बच्चों को सड़क सुरक्षा, जेब्रा क्रॉसिंग के नियम और पैदल यात्रियों की प्राथमिकता के बारे में भी जागरूक किया जाता है। कई जगहों पर बच्चों को ड्राइवरों से आई-कॉन्टेक्ट बनाने और असुरक्षित व्यवहार को पहचानने के तरीके सिखाए जाते हैं। जानकारों का मानना है कि ऐसे अभ्यास बच्चों के भीतर स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता की मजबूत भावना पैदा करते हैं, जो उनके जीवनभर काम आती है।

मेमोयर्स पब्लिशिंग उत्तराखंड पत्रकारिता के उच्च मापदंडों पर निरंतर गतिमान रहने के लिए प्रतिबद्ध है. ख़बरों की निष्पक्षता ही हमारा मुख्य उद्देश्य है. ख़बरों के सकारात्मक पक्ष को उजागर करना हम अपना दायित्व समझते है, हम डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म के द्वारा समाचारों, विचारों, साक्षात्कारों की नई श्रृंखला के साथ- साथ खोजी ख़बरों को कुछ हटकर पाठकों तथा दर्शकों के सामने लाने का प्रयास कर रहे है। हमारा ध्येय है कि हमारी खबरें जनसरोकारी हो, निष्पक्ष हों, सकारात्मक हो, रचनात्मक हो, पाठकों तथा दर्शकों का मार्गदर्शन करने में सहायक हो।