स्टारलिंक को भारत में अनुमति न मिलने पर एलन मस्क ने मुकेश अंबानी पर साधा निशाना
अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क ने भारत में अपनी उपग्रह संचार कंपनी स्टारलिंक को कारोबार की अनुमति न मिलने के कारण भारतीय अरबपति मुकेश अंबानी पर लगातार हमले किए हैं। स्टारलिंक को देश में लाइसेंस मिलने में हो रही देरी से परेशान होकर मस्क ने इस मुद्दे पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं दी हैं। मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स का सहारा लेते हुए इस मामले में भारतीय उद्योग जगत और राजनीतिक संबंधों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की और कई पुरानी मीडिया रिपोर्ट्स के स्क्रीनशॉट साझा किए।

सोशल मीडिया पर साझा की गईं पुरानी रिपोर्ट्स
अपने बयानों के क्रम में एलन मस्क ने सोशल मीडिया पर कुछ पुरानी खबरों और मीडिया रिपोर्ट्स को साझा किया। इन साझा की गई रिपोर्ट्स में मुख्य रूप से रिलायंस और राजनीतिक दलों के बीच संपर्कों का जिक्र किया गया था। इन पुरानी खबरों में आरोप लगाया गया था कि रिलायंस इंडस्ट्रीज से फंड पाने वाली एक कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक राजनीतिक दल के अभियान को बढ़ावा देने में मदद की थी। इसके अलावा, एक अन्य पुरानी खबर के माध्यम से यह भी बताया गया कि रिलायंस से जुड़ी ‘क्विक सप्लाई’ नामक कंपनी ने चुनावी बॉन्ड के जरिए सत्तारूढ़ भाजपा को 385 करोड़ रुपये और शिवसेना को 25 करोड़ रुपये का बड़ा राजनीतिक चंदा दिया था। मस्क ने इससे पहले यह भी सवाल उठाया था कि पिछले पांच वर्षों में हर कानून का पालन करने के बावजूद उनकी कंपनी को लाइसेंस क्यों नहीं मिल रहा है और उन्होंने इस संबंध में अन्य सवाल भी खड़े किए।
सरकार का स्पष्टीकरण और रिलायंस की प्रतिक्रिया
इस पूरे घटनाक्रम और चल रहे बयानों के बीच भारत सरकार ने अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। सरकार की ओर से यह कहा गया है कि देश में दूरसंचार और उपग्रह संचार सेवाओं के लिए लाइसेंस और मंजूरियां देने की पूरी व्यवस्था बेहद निष्पक्ष और भेदभाव रहित है। सरकार का यह भी मानना है कि इस प्रक्रिया को किसी खास तरीके से चुनिंदा ढंग से लागू किए जाने का कोई भी दावा पूरी तरह से निराधार है और केवल गलतफहमी पर आधारित है। दूसरी ओर, रिलायंस समूह की तरफ से एलन मस्क द्वारा लगाए गए इन तमाम आरोपों पर सार्वजनिक रूप से कोई भी प्रतिक्रिया या जवाब नहीं दिया गया है।
उपभोक्ताओं पर केंद्रित है रिलायंस जियो का ध्यान
इस पूरे विवाद और उपग्रह संचार सेवाओं को लेकर चल रही सार्वजनिक बहस के बीच, रिलायंस जियो इन्फोकॉम के चेयरमैन आकाश अंबानी ने इस विषय पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कंपनी का मुख्य और एकमात्र ध्यान भारतीय उपभोक्ताओं को महत्व देने और उनकी जरूरतों को पूरा करने पर केंद्रित है, बजाय इसके कि वे इस प्रकार की बहसों में उलझें। इंडिया मोबाइल कांग्रेस के आयोजन की पृष्ठभूमि के दौरान यह पूरा घटनाक्रम सामने आया है, जहां उपग्रह संचार सेवाओं और लाइसेंसिंग के नियमों पर उद्योग जगत के दिग्गजों की निगाहें टिकी हुई हैं।


