अभिजीत दीपके पुलिस हिरासत के कारण नहीं कर पाए दादी का अंतिम संस्कार, परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संयोजक अभिजीत दीपके के परिवार ने रविवार को गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार गुहार लगाने के बाद भी दिल्ली पुलिस ने उन्हें समय पर रिहा नहीं किया, जिससे वह अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल होने से चूक गए। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले पुलिस ने कुछ नेताओं को हिरासत में लिया था।

हिरासत और पारिवारिक प्रतिक्रिया
विरोध प्रदर्शन से ठीक पहले दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके के साथ-साथ सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में ले लिया था। इन तीनों नेताओं को रविवार को एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहाँ से उन्हें इस शर्त पर रिहा किया गया कि वे अगले एक वर्ष तक शांति भंग नहीं करेंगे।
इस बीच, सीजेपी संस्थापक की 85 वर्षीय दादी सावित्रीबाई शंकरराव दीपके का लंबी बीमारी के बाद शनिवार को महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में निधन हो गया था। उनका अंतिम संस्कार रविवार सुबह संपन्न हुआ। परिवार का कहना है कि उन्होंने दिल्ली पुलिस से अभिजीत को तुरंत छोड़ने की कई बार विनती की, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई।
परिवार और पुलिस के दावे
अभिजीत के चाचा विलास दीपके ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्होंने पुलिस के सामने कई बार हाथ जोड़कर गुहार लगाई थी कि अभिजीत को छोड़ दिया जाए क्योंकि परिवार उनका इंतजार कर रहा है। जब उन्हें रिहा किया गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और अंतिम संस्कार पूरा हो चुका था। अब वह केवल अपनी दादी की अस्थियां संचित करने के लिए ही पहुँच सकेंगे।
दूसरी तरफ, दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से दावा किया था कि अभिजीत को उनकी दादी के निधन और अंतिम संस्कार के समय की जानकारी तुरंत दे दी गई थी। पुलिस के अनुसार, उन्हें उनके गृह नगर भेजने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करने की पेशकश भी की गई थी, जिसे परिवार ने सिरे से खारिज कर दिया।
सुरक्षा व्यवस्था और जंतर-मंतर प्रदर्शन
इस घटनाक्रम के बीच कॉकरोच जनता पार्टी ने रविवार को जंतर-मंतर पर अपना विरोध प्रदर्शन करने के आह्वान को फिर से दोहराया है। इसे ध्यान में रखते हुए दिल्ली में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं और राष्ट्रीय राजधानी में लगभग 30,000 पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है।


