केंद्र सरकार ने किया एफएसआईबी का पुनर्गठन, एससीएल दास को बनाया गया नया अध्यक्ष

केंद्र सरकार ने किया एफएसआईबी का पुनर्गठन, एससीएल दास को बनाया गया नया अध्यक्ष

केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों में शीर्ष स्तर की नियुक्तियों के लिए जिम्मेदार वित्तीय सेवा संस्थान ब्यूरो (FSIB) का पुनर्गठन कर दिया है। पूर्व एमएसएमई सचिव एससीएल दास को इस प्रतिष्ठित पैनल का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। सरकार की ओर से जारी एक आदेश के अनुसार, यह नई नियुक्ति अधिसूचना जारी होने की तारीख से तीन साल की अवधि के लिए प्रभावी होगी।

e0a495e0a587e0a482e0a4a6e0a58de0a4b0-e0a4b8e0a4b0e0a4-real केंद्र सरकार ने किया एफएसआईबी का पुनर्गठन, एससीएल दास को बनाया गया नया अध्यक्ष

सीएल दास संभालेंगे जिम्मेदारी, छह अन्य सदस्य भी शामिल

एससीएल दास, जो वर्तमान में दिल्ली विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष पद पर हैं, इस ब्यूरो की अगुवाई करेंगे। उनके साथ इस पैनल में छह अन्य पार्ट-टाइम सदस्यों को भी शामिल किया गया है, जो देश के विभिन्न सरकारी बैंकों और वित्तीय संस्थानों के निदेशकों का चयन करने में अपनी भूमिका निभाएंगे। इन सदस्यों में बैंकिंग, बीमा और वित्तीय क्षेत्र के कई दिग्गज अनुभवी चेहरे शामिल हैं।

दो अलग समूहों में बंटा है चयन का कार्य

इस नवनियुक्त पैनल के सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। ब्यूरो के शुरुआती तीन सदस्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों के निदेशकों के चयन की प्रक्रिया को संभालेंगे। वहीं, बाकी के तीन सदस्य सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों के लिए निदेशकों के चयन का कार्यभार देखेंगे।

  • एसबीआई के पूर्व प्रबंध निदेशक अरिजीत बसु
  • भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व निदेशक सतीश काशीनाथ मराठे
  • भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व कार्यकारी निदेशक रामनाथन सुब्रह्मण्यम
  • एलआईसी के पूर्व सीईओ और एमडी सिद्धार्थ मोहंती
  • न्यू इंडिया इंश्योरेंस की पूर्व सीएमडी नीरजा कपूर
  • इरडाई की पूर्व सदस्य टीएल अतामेलु

कैबिनेट की नियुक्ति समिति लेती है अंतिम फैसला

एफएसआईबी द्वारा की गई सभी सिफारिशों पर अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति द्वारा लिया जाता है। इस ब्यूरो की स्थापना साल 2022 में सरकारी बैंकों और वित्तीय संस्थानों के पूर्णकालिक निदेशकों और गैर-कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्ति के लिए एकल इकाई के रूप में की गई थी।

नियुक्तियों के अलावा, यह ब्यूरो सरकार को इन अधिकारियों के कार्यकाल के विस्तार, सेवाओं की समाप्ति, स्थानांतरण और प्रदर्शन मूल्यांकन प्रणाली जैसे अहम विषयों पर सलाह देने का कार्य भी करता है।

मेमोयर्स पब्लिशिंग उत्तराखंड पत्रकारिता के उच्च मापदंडों पर निरंतर गतिमान रहने के लिए प्रतिबद्ध है. ख़बरों की निष्पक्षता ही हमारा मुख्य उद्देश्य है. ख़बरों के सकारात्मक पक्ष को उजागर करना हम अपना दायित्व समझते है, हम डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म के द्वारा समाचारों, विचारों, साक्षात्कारों की नई श्रृंखला के साथ- साथ खोजी ख़बरों को कुछ हटकर पाठकों तथा दर्शकों के सामने लाने का प्रयास कर रहे है। हमारा ध्येय है कि हमारी खबरें जनसरोकारी हो, निष्पक्ष हों, सकारात्मक हो, रचनात्मक हो, पाठकों तथा दर्शकों का मार्गदर्शन करने में सहायक हो।

Previous post

हॉर्मुज और अन्य क्षेत्रों में हमलों की जद में आए भारतीय नाविकों के दो जहाज, सभी 24 क्रू मेंबर सुरक्षित

Next post

सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए अंतरिम मुआवजा योजना लागू, जान गंवाने वाले के परिवार को मिलेंगे दो लाख