बृज मोहन राम ने ओडिशा के नए राज्यपाल के रूप में ली शपथ
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता बृज मोहन राम ने रविवार को भुवनेश्वर स्थित लोक भवन में आयोजित एक समारोह के दौरान ओडिशा के नए राज्यपाल के रूप में शपथ ली। इस महत्वपूर्ण अवसर पर ओडिशा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश हरीश टंडन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

शपथ ग्रहण समारोह में प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति
भुवनेश्वर के लोक भवन में संपन्न हुए इस गरिमापूर्ण शपथ ग्रहण कार्यक्रम में राज्य के मुख्यमंत्री मोहन चरण माथी, विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी, कई राज्य मंत्री, सांसद और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 12 अक्टूबर को बृज मोहन राम को ओडिशा का नया राज्यपाल नियुक्त किया था। इस नए दायित्व के साथ उन्होंने राज्य के संवैधानिक प्रमुख का कार्यभार संभाल लिया है।
बृज मोहन राम का राजनीतिक सफर
नवनियुक्त राज्यपाल बृज मोहन राम का राजनीतिक जीवन काफी लंबा और अनुभवी रहा है। वह झारखंड के पलामू लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से तीन बार सांसद रह चुके हैं। उन्होंने वर्ष 1996 से 2004 तक लगातार तीन कार्यकाल तक संसद में प्रतिनिधित्व किया। सांसद बनने से पहले उन्होंने वर्ष 1991 से 1995 तक बिहार विधानसभा के सदस्य के रूप में भी अपनी सेवाएं दी थीं। इसके अलावा उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में विभिन्न संगठनात्मक पदों की जिम्मेदारी संभाली और झारखंड में पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चा के राज्य प्रभारी भी रहे।
व्यक्तिगत पृष्ठभूमि और शिक्षा
बृज मोहन राम का जन्म झारखंड के पलामू जिले के चंडवा में 1 जनवरी 1958 को हुआ था। उन्होंने वर्ष 1981 में रांची विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की और बी.एस. कॉलेज लोहरदगा में भी शिक्षा प्राप्त की। राजनीति के अलावा वह कृषि क्षेत्र से भी जुड़े रहे हैं। ओडिशा के राज्यपाल के रूप में उनका यह नया दायित्व उनके सार्वजनिक जीवन में एक और नया अध्याय जोड़ता है। उन्होंने इस पद पर हरि बाबू कंबम्पति का स्थान लिया है, जिन्होंने जनवरी 2025 में कार्यभार संभाला था।


