त्योहारों के मद्देनजर CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने की विरोध प्रदर्शन रोकने की अपील

त्योहारों के मद्देनजर CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने की विरोध प्रदर्शन रोकने की अपील

सीजेपी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दशहरा के पावन अवसर पर अपने समर्थकों के नाम एक विशेष वीडियो संदेश जारी किया है। इस संदेश के माध्यम से उन्होंने अपने समर्थकों से अनुरोध किया है कि वे कुछ दिनों के लिए विरोध प्रदर्शनों पर रोक लगाएं और अपने परिवार तथा प्रियजनों के साथ समय व्यतीत करें।

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हाल के दिनों में राजधानी दिल्ली में सीजेपी द्वारा विभिन्न प्रदर्शन आयोजित किए गए थे। संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार विरोध दर्ज करा रहा है। सीजेपी का आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में कई तरह की गड़बड़ियां पाई गई हैं। इसी मांग को लेकर कनॉट प्लेस से लेकर जंतर मंतर तक सीजेपी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी खींचतान और संघर्ष की स्थिति देखने को मिली थी। आगामी 10 अक्टूबर को जंतर मंतर पर एक बड़े प्रदर्शन की योजना थी, जिसे प्रशासन द्वारा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया गया था। इस कार्रवाई के दौरान हजारों लोगों को पुलिस द्वारा हिरासत में भी लिया गया था।

अपने करीब 16 मिनट लंबे वीडियो संदेश में अभिजीत दीपके ने अपने सभी समर्थकों से अपील की कि वे त्योहार के इन दिनों में अपने घरों में रहें और परिवार के साथ वक्त बिताएं। उन्होंने यह भी कहा कि हम सब नफरत के खिलाफ एक वैचारिक लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन हमें यह पूरी तरह सुनिश्चित करना होगा कि वही नफरत हमारे अपने मन या भीतर न प्रवेश कर जाए। उनके अनुसार, हमारी सबसे बड़ी ताकत आपसी करुणा, एक-दूसरे के प्रति प्रेम और दयालुता ही है।

इसके साथ ही, दीपके ने जेल में बंद सीजेपी के प्रवक्ताओं आशुतोष और सौरव दास के लिए विशेष रूप से प्रार्थना करने की अपील की। उन्होंने इन दोनों को अपने आंदोलन का असली और मुख्य मार्गदर्शक नेता बताया। दीपके ने कहा कि बाहरी लोग भले ही उन्हें (अभिजीत को) इस आंदोलन का प्रमुख नेता समझें, लेकिन असल में सौरव दास और आशुतोष ही असली लीडर हैं। उन्होंने बताया कि वे दोनों ही यह तय करते थे कि आगे क्या करना है और कहां जाना है, तथा वे चुपचाप उनके निर्देशों का पालन करते थे। उनके अनुसार, उन दोनों की कार्यक्षमता और निर्णय लेने की क्षमता उनसे कहीं अधिक बेहतर है।

वीडियो संदेश में अभिजीत दीपके ने उन आलोचकों पर भी तीखा हमला बोला जो सीजेपी के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों की तुलना फ्रांस, नेपाल और बांग्लादेश जैसी जगहों पर हुई हिंसक घटनाओं से कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि फ्रांस की घटनाओं से तुलना करने वाले लोगों को थोड़ी शर्म आनी चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि सौरव दास और आशुतोष ने किसी भी प्रकार की हिंसा का रास्ता नहीं चुना, बल्कि वे पूरी तरह मुस्कुराते हुए जेल गए। वे अच्छी तरह जानते थे कि उन्हें गलत तरीके से गिरफ्तार किया जा रहा है, फिर भी उन्होंने हिंसा के बजाय शांति का मार्ग चुना। दीपके ने गर्व के साथ दोहराया कि उनके संगठन के लोग पूरी तरह से महात्मा गांधी के बताए हुए आदर्शों पर चल रहे हैं और शांति बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है।

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