अंकिता भंडारी हत्याकांड: सीएम धामी ने न्याय सुनिश्चित करने को बताया सबसे बड़ा दायित्व
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान अंकिता भंडारी हत्याकांड पर अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में न्याय सुनिश्चित करना समाज और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों का ही एक गंभीर और मुख्य दायित्व है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि पीड़िता को न्याय दिलाना सबसे अधिक महत्वपूर्ण है और इस दिशा में सरकार पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है।

संवेदनशील मामलों पर राजनीतिक बयानबाजी से बचने की सलाह
हल्द्वानी में आयोजित ‘कुमाऊं द्वार महोत्सव’ में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी ने इस दौरान राजनीतिक दलों और विरोधियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसी भी संवेदनशील मामले को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। इस तरह के मामलों में किसी भी प्रकार की चर्चा केवल और केवल तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए।
उन्होंने विपक्षी नेताओं से सवाल करते हुए कहा कि किसी बेटी के दुख और संघर्ष का राजनीतिक फायदा उठाना या बिना किसी ठोस सबूत के बेबुनियाद आरोप लगाना कहां तक उचित है। ऐसे संवेदनशील विषयों पर बयानबाजी करते समय राजनीतिक शुचिता का ध्यान रखा जाना बेहद आवश्यक है।
न्यायिक प्रक्रिया और साक्ष्यों का सम्मान
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में आगे कहा कि इस तरह के गंभीर मामलों में अदालती कार्रवाई, तथ्यों और साक्ष्यों को ही हमेशा प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने अदालतों द्वारा दोषियों को सजा सुनाए जाने और जमानत याचिकाओं से संबंधित चल रही न्यायिक प्रक्रियाओं का भी हवाला दिया। सीएम धामी ने इस बात पर बल दिया कि कानून की उचित प्रक्रिया का हर हाल में सम्मान किया जाना चाहिए ताकि सच्चाई और न्याय सामने आ सके।
घटना की पृष्ठभूमि और विवरण
उल्लेखनीय है कि अंकिता भंडारी ऋषिकेश स्थित वनंतर रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थी। उसकी हत्या 18 सितंबर 2022 को कर दी गई थी, जिसने पूरे राज्य और देश को झकझोर कर रख दिया था। इस बहुचर्चित मामले में तब से लगातार कानूनी और न्यायिक प्रक्रियाएं जारी हैं, जिन पर सरकार और प्रशासन पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।


