दिवाली मिलन में खान-पान का नया ट्रेंड: भोजन के स्रोत और इतिहास जानने में दिलचस्पी ले रहे लोग
दिवाली मिलन समारोहों में खान-पान के तरीकों में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। मेहमान अब केवल भोजन का स्वाद ही नहीं ले रहे, बल्कि यह भी जानना चाहते हैं कि उनकी थाली में परोसी गई सामग्री कहां से आई है।

भोजन के चयन और मेन्यू पर चर्चा के लिए खास बैठकें
आजकल दावत के मेन्यू को तय करने के लिए विशेष बैठकों का दौर चलता है, जिन्हें ‘डाइनरमीट’ कहा जा सकता है। इन बैठकों में फूड एडवाइजर, फूड साइंटिस्ट, फूड एक्सपर्ट, फूड क्यूरेटर और फूड डेकोरेटर जैसे पेशेवर मिलकर एक ‘ट्रेंड्स काउंसिल’ की तरह काम करते हैं। ये विशेषज्ञ केवल सामग्री पर ही चर्चा नहीं करते, बल्कि भोजन में प्रीबायोटिक सोडा, ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन-डी की मात्रा पर भी पूरा ध्यान देते हैं। नए फ्लेवर और टेक्सचर कॉम्बिनेशन तैयार करने के लिए डिश रीइन्वेंशन का तरीका अपनाया जाता है, जहां लोग अपनी पसंद के अनुसार अनोखे फूड कॉम्बिनेशन बनाते हैं।
ब्यूटिरिशन और अनोखे डेजर्ट का बढ़ता क्रेज
खान-पान की दुनिया में ‘ब्यूटिरिशन’ यानी ब्यूटी और न्यूट्रिशन का मेल भी एक नया चलन बन गया है। इसके तहत मेहमानों को यह बताया जाता है कि परोसे जा रहे भोजन में कोलेजन, एंटीऑक्सीडेंट्स, फायदेमंद फैट और स्किन को निखारने वाले तत्व कितनी मात्रा में मौजूद हैं। इसके अलावा, डेजर्ट के रूप में मैंगो स्वीट राइस आइसक्रीम जैसी अनूठी चीजें भी बनाई जा रही हैं, जिनमें स्वीट राइस और कोकोनट मिल्क का इस्तेमाल करके एक बेहतरीन और सिल्की प्यूरी तैयार की जाती है।

कड़वे इंग्रीडिएंट्स और प्रोटीन युक्त डाइट पर फोकस
पाचन और सेहत से जुड़े सुधारों के चलते आजकल लोग कड़वे स्वादों और इंग्रीडिएंट्स की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं। डिनर में ब्रोकली रेबे और डैंडेलियन ग्रीन्स जैसी कड़वी हरी सब्जियों के साथ नॉन-अल्कोहॉलिक कॉकटेल परोसे जा रहे हैं। इसके साथ ही, बीन्स, चने और फलियां अब केवल साइड डिश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि डिनर में प्रोटीन और फाइबर से भरपूर मुख्य आहार के रूप में शामिल की जा रही हैं।


