बढ़ती ठंड के साथ कई शहरों में बिगड़ने लगी हवा की गुणवत्ता, जानिए प्रमुख महानगरों का हाल

बढ़ती ठंड के साथ कई शहरों में बिगड़ने लगी हवा की गुणवत्ता, जानिए प्रमुख महानगरों का हाल

देशभर में ठंड की दस्तक के साथ ही हवा में प्रदूषण का स्तर भी धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। देश के प्रमुख महानगरों में वायु गुणवत्ता का ताजा आकलन सामने आया है, जिसके अनुसार कुछ शहरों में हवा की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

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प्रमुख शहरों में वायु गुणवत्ता (AQI) का हाल

हालिया आंकड़ों के अनुसार देश के विभिन्न शहरों में हवा की स्थिति अलग-अलग दर्ज की गई है:

  • नई दिल्ली: यहां AQI 269 दर्ज किया गया है, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है।
  • मुंबई: शहर में AQI 161 है, जो ‘मध्यम’ स्तर को दर्शाता है।
  • कोलकाता: कोलकाता का AQI 155 दर्ज किया गया है और यह भी ‘मध्यम’ श्रेणी में है।
  • बेंगलुरु: यहां AQI 110 के साथ स्थिति नियंत्रण में और ‘मध्यम’ श्रेणी में बनी हुई है।
  • चेन्नई और हैदराबाद: इन दोनों शहरों में हवा की गुणवत्ता सबसे अच्छी यानी ‘संतोषजनक’ पाई गई है, जहां चेन्नई का AQI 81 और हैदराबाद का AQI 71 दर्ज किया गया है।

एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) और श्रेणियां

एयर क्वालिटी इंडेक्स एक पैमाना है जिसका उपयोग वायु प्रदूषण के स्तर और उसके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों को मापने के लिए किया जाता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) AQI को छह प्रमुख श्रेणियों में विभाजित करता है, जिसमें अच्छा (0-50), संतोषजनक (51-100), मध्यम (101-200), खराब (201-300), बहुत खराब (301-400) और गंभीर (401-500) शामिल हैं। इसकी गणना PM2.5, PM10, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और ओजोन जैसे प्रमुख प्रदूषकों के आधार पर की जाती है।

किन लोगों को बरतनी चाहिए विशेष सावधानी?

प्रदूषित हवा का असर विशेष रूप से स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील लोगों पर अधिक पड़ता है। अस्थमा या सांस की अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों, बच्चों, बुजुर्गों और दिल के रोगियों को वायु प्रदूषण के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। हवा की गुणवत्ता खराब होने पर लंबे समय तक बाहर रहने या अत्यधिक शारीरिक श्रम वाले कार्यों से बचने से स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को कम किया जा सकता है।

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