नेशनल हाईवे पर सफर होगा आसान, बैरियरमुक्त टोल व्यवस्था के लिए एनएचएआई ने जारी किए नए दिशानिर्देश
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर को सुगम बनाने के लिए बैरियरमुक्त टोल व्यवस्था लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस नई व्यवस्था के तहत चार लेन और उससे अधिक चौड़े राष्ट्रीय राजमार्गों पर मल्टीलेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) टोलिंग प्रणाली के डिजाइन और बुनियादी ढांचे से जुड़े मानकीकृत दिशानिर्देश जारी कर दिए गए हैं।

गाड़ियों को नहीं रुकना पड़ेगा टोल प्लाजा पर
इस नई प्रणाली के लागू होने के बाद वाहन चालकों को टोल चुकाने के लिए टोल प्लाजा पर रुकने या लंबी कतारों में इंतजार करने की आवश्यकता नहीं होगी। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य राजमार्गों पर यातायात को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाना है, जिससे यात्रा के समय में कमी आएगी और ईंधन की खपत भी कम होगी।
टोल प्लाजा के डिजाइन में एकरूपता और बेहतर सुविधाएं
जारी किए गए नए दिशानिर्देशों के अनुसार, टोल प्लाजा के लेआउट, लेन की संख्या, गैंट्री की व्यवस्था, सड़क सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए एक समान मानक तय किए गए हैं। चूंकि इस आधुनिक व्यवस्था में वाहनों को रुकना नहीं पड़ेगा, इसलिए पारंपरिक टोल प्लाजा की तुलना में लेन की संख्या भी कम रखी जा सकेगी। इसके साथ ही, चालकों को जानकारी देने के लिए पर्याप्त संकेतक और इलेक्ट्रॉनिक वेरिएबल मैसेज साइन लगाए जाएंगे, जबकि संचालन के लिए प्रशासनिक भवन व रखरखाव केंद्र भी विकसित किए जाएंगे।
किन परियोजनाओं पर लागू होंगे नए नियम
एनएचएआई के ये नए मानक भविष्य की सभी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं और निर्माणाधीन परियोजनाओं पर प्रभावी होंगे। जिन परियोजनाओं के लिए अभी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है, उनमें इस नए डिजाइन को शामिल किया जाएगा। वहीं, जिन परियोजनाओं के ठेके पहले ही दिए जा चुके हैं या जिन पर निर्माण कार्य चल रहा है, उनमें अनुबंध की शर्तों के अनुसार उचित बदलाव किए जाएंगे।


