जाली नोटों की तस्करी मामले में दो लोगों को चार साल की कैद

जाली नोटों की तस्करी मामले में दो लोगों को चार साल की कैद

लखनऊ: जाली नोटों की तस्करी (Fake notes smuggling case) करने को लेकर लखनऊ की एक विशेष एनआईए (NIA) अदालत ने मंगलवार को दो लोगों को चार-चार साल की कैद की सजा सुनाई और प्रत्येक दोषी पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया. अधिकारियों ने बताया कि शिव भजन गुप्ता और कुलदीप गुप्ता को अदालत ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की संबद्ध धाराओं के तहत दोषी करार दिया गया है.

यह मामला अगस्त 2018 में चार आरोपियों-शिव भजन गुप्ता, कुलदीप गुप्ता, विवेक राजपूत और रजनीश यादव के पास से उत्तर प्रदेश के विशेष कार्य बल (STF) द्वारा 4,60,000 रुपए मूल्य के जाली नोट जब्त किए जाने से संबद्ध है. राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (National Investigation Agency) ने मामले में छह आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था.

मार्च में विवेक और रजनीश को अदालत ने दोषी करार दिया था और उन्हें चार-चार साल की कैद की सजा सुनाई थी. उनमें से प्रत्येक पर पांच-पांच हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया था. एनआईए अधिकारी ने बताया कि शेष दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा जारी है

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