हाई कोर्ट से जारी नोटिस पर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

हाई कोर्ट से जारी नोटिस पर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

New Delhi: ऑक्सीजन की कमी को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट की ओर से जारी अवमानना नोटिस पर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा था कि क्यों न केंद्र के खिलाफ कोर्ट की अवमानना के तहत कार्रवाई की जाए।

भारत के चीफ जस्टिस एन वी रमण ने दिल्ली उच्च न्यायालय के अवमानना आदेश पर केंद्र की याचिका को जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है।

मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट में ऑक्सीजन की कमी पर चार घंटे तक सुनवाई चली थी। इस दौरान हाई कोर्ट ने केंद्र को कड़ी फटकार लगाते हुए यह कहा ता कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद अभी तक केंद्र सरकार दिल्ली को उसकी मांग के हिसाब से 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं करा सकी है।

हालांकि, केंद्र सरकार का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने कहीं भी दिल्ली को 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन देने की बात नहीं कही।

उच्च न्यायालय ने सुनवाई के दौरान कहा कि केंद्र सरकार के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में भरोसा दिया था कि दिल्ली के लोगों को प्रताड़ित नहीं होने दिया जाएगा, लेकिन उस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। क्योंकि अभी भी ऑक्सीजन की मांग को लेकर छोटे छोटे अस्पताल और नर्सिंग होम हमारे पास अर्जी लगा रहे हैं

उच्च न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि आक्सीजन की कमी सिर्फ दिल्ली में ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों में भी है। न्यायालय ने कहा कि पूरा देश आज आक्सीजन के लिए रो रहा है। न्यायालय ने कहा कि न सिर्फ दिल्ली बल्कि अन्य राज्य भी आक्सीजन की कमी से परेशान है और लोगों की जाने जा रही है।

Share this content:

मेमोयर्स पब्लिशिंग उत्तराखंड पत्रकारिता के उच्च मापदंडों पर निरंतर गतिमान रहने के लिए प्रतिबद्ध है. ख़बरों की निष्पक्षता ही हमारा मुख्य उद्देश्य है. ख़बरों के सकारात्मक पक्ष को उजागर करना हम अपना दायित्व समझते है, हम डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म के द्वारा समाचारों, विचारों, साक्षात्कारों की नई श्रृंखला के साथ- साथ खोजी ख़बरों को कुछ हटकर पाठकों तथा दर्शकों के सामने लाने का प्रयास कर रहे है। हमारा ध्येय है कि हमारी खबरें जनसरोकारी हो, निष्पक्ष हों, सकारात्मक हो, रचनात्मक हो, पाठकों तथा दर्शकों का मार्गदर्शन करने में सहायक हो।