पहाड़ के मास्टर के मुरीद हुए पीएम मोदी, मन की बात में की जमकर तारीफ

पहाड़ के मास्टर के मुरीद हुए पीएम मोदी, मन की बात में की जमकर तारीफ

देहरादून (संवाददाता)। रविवार को पहाड़ के एक सामान्य मास्टर (शिक्षक) के बारे में जब पीएम मोदी ने मन की बात में बात कही तो पूरा देश मास्टर जी सच्चिदानंद भारती का मुरीद हो गया। मन की बात में पीएम मोदी ने पौड़ी गढ़वाल जिले के उफरैंखाल में रहने वाले सच्चिदानंद भारती के कामों की जमकर तारीफ की।

आपको बता दें कि भारती जी ने सालों पहले उफरैंखाल में पाणी राखो मुहिम छेड़ी। पाणी राखो यानी पानी रखो। पानी बचाने की इस मुहिम के तहत उन्होंने उफरैंखाल में जगह जगह चाल खाल बनाए। ताकि बारिश के पानी का संचय हो। उन्होंने छोटे छोटे तालाब बनाकर बारिश के पानी का संचय शुरू किया। आज पूरा इलाका इसी पानी का इस्तेमाल करता है। उन्होने करीब तीस हजार चाल खाल बनाए।

मन की बात में जब भारती के कामों की सराहना हुई तो वे बेहद गदगद हो गए। वह कहते हैं, ”प्रधानमंत्री ने उफरैंखाल की मुहिम को जो आदर और प्यार दिया है, उससे जल संरक्षण के कार्यों को नई शक्ति मिली है। जमीन से जुड़े कार्यों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए यह प्रधानमंत्री का आशीर्वाद है।”

पौड़ी जिले के सुदूर क्षेत्र में है उफरैंखाल कस्बा और इसी से सटी है गाडखर्क की पहाड़ी, जो सच्चिदानंद भारती के प्रयासों से बारिश की बूंदों को सहेजने के बड़े माडल के तौर पर उभरी है। एक दौर में यह पहाड़ी एकदम सूखी थी और वहां बारिश का पानी ठहरता नहीं था। गाडखर्क गांव के निवासी और पेशे से शिक्षक भारती ने वर्ष 1987 के भयावह सूखे के बाद इस पहाड़ी में बूंदों को सहेजकर हरा-भरा करने की मुहिम शुरू की, जिसे नाम दिया गया ”पाणी राखो” (पानी बचाओ)।

 

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