कॉर्बेट समेत देश के 51 नेशनल पार्क्स में होगी बाघों की गिनती

कॉर्बेट समेत देश के 51 नेशनल पार्क्स में होगी बाघों की गिनती

रामनगर । उत्तराखंड के कॉर्बेट नेशनल पार्क समेत देश के 51 नेशनल पार्क्स में बाघों की गिनती दोबारा कराई जाएगी। बाघों की गिनती के लिए कॉर्बेट नेशनल पार्क में 1400 कैमरे लगाए जाएंगे। यहां सात सौ ग्रिड बनाए गए हैं। बताया गया है कि हर ग्रिड में दो कैमरे लगाए जाएंगे।

बाघों की गिनती एनटीसीए (राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण) कराएगा। इससे पहले 2018 में बाघों की गिनती कराई गई थी। इस संबंध में एनटीसीए के अधिकारियों द्वारा प्रदेश के मुख्य वन्य जीव प्रतिपालकों व टाइगर रिजर्व के निदेशकों के साथ ऑनलाइन बैठक कर दिशानिर्देश दिए जा चुके हैं। एनटीसीए हर चार साल में देश के टाइगर रिजर्व में बाघ गणना कराता है। कार्बेट टाइगर रिजर्व में भी तैयारी शुरू हो चुकी है।

बाघों की गिनती का काम रामनगर वाले क्षेत्र में पहले चरण में तथा कालागढ़ के क्षेत्र में दूसरे चरण में किया जाएगा। कैमरों में एक माह तक आए बाघों के फोटोग्राफ का विश्लेषण करने के बाद पूरा डाटा एनटीसीए को भेजा जाएगा। एनटीसीए अगले साल जुलाई में देश के टाइगर रिजर्व में मौजूद बाघों का रिजल्ट एक साथ घोषित करेगा।

2019 में सीटीआर ने अपने स्तर से भी बाघ गणना कराई थी। जिसमें 252 बाघों की मौजूदगी थी। दो बाघ अब हरिद्वार भेजे जा चुके हैं। ऐसे में अब 250 बाघ यहां हैं। वहीं 2014 की गणना में में देश में कुल 2226 और सीटीआर में 215 और 2018 में देश में 2969 और सीटीआर में 231 बाघ मिले थे। बता दें कि बाघों के संरक्षण की दिशा में निंरतर काम किया जा रहा है।

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