‘चुनाव के बाद फिर से कृषि कानून लाएगी सरकार’, जानिए अखिलेश यादव ने क्या कहा?

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि उन्हें केंद्र सरकार की नीयत पर भरोसा नहीं है. इन्होंने अभी कृषि कानून वापस ले लिए हैं लेकिन ये चुनाव के बाद फिर से कानून ला सकते हैं इसीलिए इनका सफाया करना जरूरी है.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि उन्हें केंद्र सरकार की नीयत पर भरोसा नहीं है. इन्होंने अभी कृषि कानून वापस ले लिए हैं लेकिन ये चुनाव के बाद फिर से कानून ला सकते हैं इसीलिए इनका सफाया करना जरूरी है.

अखिलेश यादव ने कहा कि देश के सभी किसानों को बधाई देता हूं. जिनके लगातार आंदोलन से तीनों काले कानून वापस लिए गए हैं. काले कानून की वापसी अंहकार की हार है. जनता इन्हें माफ नहीं करेगी. इन्हें साफ करने का काम करेगी. जिन्होंने माफी मांगी है वो राजनीति छोड़ें.

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार चुनाव से डर गई है. वोट के लिए कानून वापस हुआ है. किसानों का सरकार ने अपमानित किया है. सरकार को इस पर इस्तीफा देना चाहिए. लखीमपुर के हत्यारे कैसे बच जाएंगे? जिस मंत्री पर आरोप है वो अभी भी मंत्री मंडल में है.

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार चुनाव से डर गई है. वोट के लिए कानून वापस हुआ है. किसानों का सरकार ने अपमानित किया है. सरकार को इस पर इस्तीफा देना चाहिए. लखीमपुर के हत्यारे कैसे बच जाएंगे? जिस मंत्री पर आरोप है वो अभी भी मंत्री मंडल में है. सपा को जो समर्थन मिला, पूर्वांचल की जनता सड़कों पर नजर आई. लखनऊ से लेकर दिल्ली सपा के आंदोलन से हिल गई है. नोटबंदी का फैसला भी गलत था वो किसी को पूछते ही नहीं हैं.

Share this content:

मेमोयर्स पब्लिशिंग उत्तराखंड पत्रकारिता के उच्च मापदंडों पर निरंतर गतिमान रहने के लिए प्रतिबद्ध है. ख़बरों की निष्पक्षता ही हमारा मुख्य उद्देश्य है. ख़बरों के सकारात्मक पक्ष को उजागर करना हम अपना दायित्व समझते है, हम डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म के द्वारा समाचारों, विचारों, साक्षात्कारों की नई श्रृंखला के साथ- साथ खोजी ख़बरों को कुछ हटकर पाठकों तथा दर्शकों के सामने लाने का प्रयास कर रहे है। हमारा ध्येय है कि हमारी खबरें जनसरोकारी हो, निष्पक्ष हों, सकारात्मक हो, रचनात्मक हो, पाठकों तथा दर्शकों का मार्गदर्शन करने में सहायक हो।