31 जुलाई अमेरिकी सेना की वो तकनीक जिससे केवल ज़वाहिरी की हुई मौत, परिवार की नहीं

31 जुलाई को सूर्योदय हुए कोई घंटा भर हुआ होगा, जब अल-क़ायदा के मुखिया अयमन अल-ज़वाहिरी टहलते हुए बालकनी पर आए.

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बताते हैं, काबुल के एक मुख्य इलाक़े में स्थित इस घर में रह रहे मिस्र के इस नामी जिहादी का ये पसंदीदा शगल था. वो सुबह की नमाज़ के बाद अमूमन बालकनी पर आया करते थे.

मगर पिछले रविवार को ये आख़िरी काम था जो वो कर सके. ठीक 06:18 बजे (स्थानीय समय), दो मिसाइल बालकनी पर आकर गिरी, धमाका हुआ, और 71 साल के ज़वाहिरी की मौत हो गई.

लेकिन भीतर मौजूद ज़वाहिरी की पत्नी और बेटी को खरोंच तक नहीं आई.

ऐसा लगता है कि हमले से जो भी टूट-फूट हुई वो केवल बालकनी में ही हुई.

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