दिल्ली से देहरादून के 212 किलोमीटर के एक्सप्रेसवे का शुरू होने की तारीख आ गई है।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (Delhi-Dehradun Expressway) का काम पूरे जोरों पर है। इस एक्सप्रेसवे के बनने से दिल्ली से देहरादून तक का सफर महज ढाई से तीन घंटे में पूरा होगा।

यह एक्सप्रेसवे 212 किलोमीटर लंबा है और इसके निर्माण पर 12,000 करोड़ रुपये की लागत आएगी। पूरे एक्सप्रेसवे के निर्माण में कई विशेष प्रावधान किए गए हैं और गणेशपुर से देहरादून तक का मार्ग वन्यजीवों के लिए सुरक्षित किया गया है। इसमें 12 किलोमीटर की एलिवेटेड सड़क, 6 पशु अंडरपास, 2 हाथी अंडरपास, 2 बड़े पुल तथा 13 छोटे पुलों का प्रावधान है।

एक्सप्रेसवे के तहत उत्तराखंड के हिस्से का काम मार्च 2024 तक पूरा हो जाएगा। यह जानकारी पीडब्यूडी मंत्री सतपाल महाराज (PWD Minister Satpal Maharaj) ने सोमवार को निर्माणाधीन आशारोड़ी, डाटकाली में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (Delhi-Dehradun Expressway) के निर्माण कार्य का निरीक्षण के दौरान दी।

मंत्री ने कहा कि यह एक्सप्रेसवे एक तरह का आर्थिक गलियारा होगा, जो दिल्ली में अक्षरधाम मंदिर के समीप से शुरू होकर खजूरीखास, मंडोला, खेकड़ा, बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, छुटमलपुर, गणेशपुर, मोहंड, डाटकाली सुरंग से होते हुए आशारोड़ी तक पहुंचेगा। निरीक्षण के दौरान एनएचएआई के परियोजना निदेशक पंकज मौर्य सहित अनेक अधिकारी मौजूद रहे।

एक्सप्रेसवे के तहत गणेशपुर से देहरादून के बीच 12 किलोमीटर लंबा वन्यजीव गलियारा बन रहा है। यह एशिया का सबसे लंबा वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर होगा। इसकी लागत करीब 1995 करोड़ है। एक्सप्रेसवे ईपीसी मोड पर बन रहा है। कॉरिडोर की कुल लंबाई 113 किलोमीटर है, जो छह लेन का होगा।

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