श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के तीन कर्मिक सेवानिवृत्त हो गए।

जोशीमठ/ देहरादून: 1अप्रैल। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति में कार्यरत कनिष्क लिपिक तथा दो कार्यालय सहायक 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो गये आज सोमवार पहली अप्रैल को कार्मिकों को उनके सहकर्मियों ने सम्मान समारोह आयोजित कर विदाई दी। इस अवसर पर सेवानिवृत्त कर्मियो के परिवारजन भी मौजूद रहे।

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि मंदिर समिति के जोशीमठ कार्यालय में सभी मंदिर समिति कार्मिकों ने सेवानिवृत्त हुए कनिष्क सहायक विजया रतूड़ी तथा कार्यालय सहायक जगत राम पुरोहित को सम्मानित किया एवं फूल मालायें पहनाकर विदाई दी। सम्मान समारोह में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान ने सेवानिवृत्त कार्मिकों की सेवा भावना की प्रशंसा की तथा शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान,वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी विजेंद्र बिष्ट, दीपक नौटियाल, प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप भट्ठ एवं विवेक थपलियाल,राजेंद्र सेमवाल, लेखाकार भूपेंद्र रावत, जगमोहन बर्त्वाल, संतोष तिवारी, श्री नृसिंह मंदिर प्रभारी संदीप कपरवाण, पुजारी हनुमान प्रसाद डिमरी,प्रबंधक भूपेंद्र राणा,केदार सिंह रावत, विजया ध्यानी,संदेश मेहता,अजय सती, राकेश नेगी,अनसुया नौटियाल, भगवती सती, संतोष पंत, आशीष नंबूदरी आदि मौजूद रहे।

मंदिर समिति के देहरादून स्थित कारगी चौक यात्री विश्राम गृह में आयोजित सम्मान समारोह में कार्यालय सहायक हेमलता सती को सेवानिवृत्त पश्चात विदाई दी गयी। समारोह में धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल ने सेवानिवृत्त कार्मिकों के दीर्घायु जीवन की कामना की। इस अवसर पर प्रबन्धक किशन त्रिवेदी, लोकेंद्र रिवाड़ी,पुजारी वीरेंद्र सेमवाल, भरत कुंवर सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौजूद रहे।

Share this content:

मेमोयर्स पब्लिशिंग उत्तराखंड पत्रकारिता के उच्च मापदंडों पर निरंतर गतिमान रहने के लिए प्रतिबद्ध है. ख़बरों की निष्पक्षता ही हमारा मुख्य उद्देश्य है. ख़बरों के सकारात्मक पक्ष को उजागर करना हम अपना दायित्व समझते है, हम डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म के द्वारा समाचारों, विचारों, साक्षात्कारों की नई श्रृंखला के साथ- साथ खोजी ख़बरों को कुछ हटकर पाठकों तथा दर्शकों के सामने लाने का प्रयास कर रहे है। हमारा ध्येय है कि हमारी खबरें जनसरोकारी हो, निष्पक्ष हों, सकारात्मक हो, रचनात्मक हो, पाठकों तथा दर्शकों का मार्गदर्शन करने में सहायक हो।