उत्तराखंड पंचायत चुनाव 2025: 4.56 लाख नए मतदाता, खर्च सीमा बढ़ी, 67 प्रेक्षक तैनात

दिनांक : 22 जून  2025 / देहरादून/ उत्तराखंड में होने जा रहे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने विस्तृत आंकड़े और तैयारियां सार्वजनिक करते हुए बताया कि इस बार 4 लाख 56 हज़ार 793 नए मतदाता जुड़ेंगे। वर्ष 2019 के मुकाबले मतदाताओं की संख्या में 10.57 फीसदी का इजाफ़ा हुआ है। कुल मतदाता अब 54 लाख 77 हज़ार 072 हैं, जिनमें 24 लाख 65 हज़ार 702 पुरुष, 23 लाख 10 हज़ार 996 महिलाएँ और 374 अन्य शामिल हैं।

67 प्रेक्षक और तीन‑स्तरीय प्रवर्तन टीमें

प्रकार संख्या
सामान्य प्रेक्षक 55
आरक्षित प्रेक्षक 12

राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार ने बताया कि हर जिले में तीन प्रवर्तन टीमें बनाई गई हैं—जिला प्रशासन, पुलिस और आबकारी—जो चुनाव के दौरान अवैध शराब, मादक पदार्थ, नकदी या अन्य प्रलोभन जब्त करने की कार्रवाई करेंगी।

चुनाव खर्च की नई सीमाएँ

पद 2019 सीमा (₹) 2025 सीमा (₹)
सदस्य, ग्राम पंचायत 10 हज़ार 10 हज़ार
ग्राम प्रधान 50 हज़ार 75 हज़ार
सदस्य, क्षेत्र पंचायत (बीडीसी) 50 हज़ार 75 हज़ार
सदस्य, जिला पंचायत 1.40 लाख 2 लाख

खर्च की निगरानी के लिए हालांकि अलग से व्यय प्रेक्षक नहीं होंगे, लेकिन प्रत्येक जिले में नामित अधिकारी प्रशासनिक टीमों के साथ नियमित मिलान कराएंगे।

दो चरणों में मतदान — मुख्य तिथियाँ

क्रिया पहला चरण दूसरा चरण
नामांकन 25–28 जून (8 AM–4 PM) 25–28 जून (8 AM–4 PM)
नामांकन जांच 29 जून–1 जुलाई 29 जून–1 जुलाई
नाम वापसी 2 जुलाई (8 AM–3 PM) 2 जुलाई (8 AM–3 PM)
चुनाव चिन्ह आवंटन 3 जुलाई (8 AM) 8 जुलाई (8 AM)
मतदान 10 जुलाई (8 AM–5 PM) 15 जुलाई (8 AM–5 PM)
मतगणना 19 जुलाई (8 AM से) 19 जुलाई (8 AM से)

मतदान पूरी तरह बैलेट पेपर से होगा। कुल 8 276 मतदान केंद्र और 10 529 मतदान स्थल बनाए गए हैं। हरिद्वार को छोड़ राज्य के 12 जिलों के 89 विकासखंडों की 7 499 ग्राम पंचायतों में चुनाव होंगे, जिन पर 66 हज़ार 418 पद दांव पर हैं।

विकासखंडवार चरण‑वार चुनाव

  • पहला चरण (10 जुलाई) – अल्मोड़ा के ताकुला से रुद्रप्रयाग के ऊखीमठ तक कुल 45 विकासखंड।

  • दूसरा चरण (15 जुलाई) – अल्मोड़ा के सल्ट से पौड़ी के यमकेश्वर तक शेष 44 विकासखंड।

(पूरी सूची आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध।)

मतदाता सहायता

आयोग ने मतदाताओं से आग्रह किया है कि वे अपने नाम की जांच कर लें और किसी भी संशय के लिए उपरोक्त माध्यमों से संपर्क करें। आचार संहिता लागू होने के साथ ही गांव‑गांव में चुनावी सरगर्मियाँ तेज़ हो गई हैं और प्रशासन ने निष्पक्ष तथा शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

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