उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक सीएस तोमर  ने  बताया कि राज्य में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है, जिसके प्रभाव से पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में बारिश का सिलसिला शुरू हो चुका है।

​​2300 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मध्यम से भारी बर्फबारी होने की प्रबल संभावना है। वहीं, निचले और मैदानी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की उम्मीद है।
​उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़: इन जिलों के लिए विशेष रूप से ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहाँ भारी हिमपात और वर्षा जनजीवन को प्रभावित कर सकती है।

अगले 24 घंटों के दौरान 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज और झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है, जो कहीं-कहीं 60 किमी/घंटा तक भी पहुँच सकती हैं।

बर्फबारी और बारिश के चलते आगामी 2-3 दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने की संभावना है, जिससे कड़ाके की ठंड बढ़ेगी।
​पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए सावधानी
​24 जनवरी से यह सिस्टम धीरे-धीरे उत्तर की ओर बढ़ेगा, लेकिन उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी का असर बना रहेगा। 26 जनवरी के आसपास एक और पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है, जिसका प्रभाव 27 और 28 जनवरी को देखने को मिल सकता है।

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