रेयर डिजीज से पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए आगे आया जिला प्रशासन, मिली आर्थिक मदद
उत्तराखंड के देहरादून जिले में दुर्लभ (रेयर) बीमारियों से पीड़ित बच्चों के उपचार को लेकर जिला प्रशासन ने आर्थिक सहायता का महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत चिन्हित बच्चों में से कई का उपचार योजना के अंतर्गत चल रहा है, जबकि इस योजना के दायरे में नहीं आने वाले अन्य बच्चों के इलाज के लिए सीएसआर फंड से धनराशि मुख्य चिकित्सा अधिकारी को उपलब्ध कराई गई है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी बच्चे का इलाज आर्थिक तंगी के कारण न रुके।

महंगे उपचार और विशेष सहायता की व्यवस्था
रेयर डिजीज से पीड़ित कई बच्चों के इलाज में बड़ी धनराशि के साथ लंबी चिकित्सकीय अवधि की आवश्यकता होती है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इस तरह का महंगा खर्च उठाना बेहद कठिन होता है। इसे ध्यान में रखते हुए, बच्चों का उपचार देश के विभिन्न विशेषज्ञ संस्थानों में कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने आवश्यकता पड़ने पर सीएसआर फंड के साथ-साथ राइफल क्लब फंड से भी वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं ताकि इलाज में कोई बाधा न आए।

अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों की चिकित्सकीय प्रगति, रेफरल प्रक्रिया और वित्तीय सहायता से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उपचार से जुड़े सभी दस्तावेज और प्रशासनिक औपचारिकताएं समय पर पूरी की जाएं। इसके साथ ही जिले में ऐसे अन्य बच्चों की पहचान करने की प्रक्रिया को लगातार जारी रखने पर जोर दिया गया है ताकि सभी पात्र बच्चों को उचित सहायता मिल सके।


