अरब सागर में नौसैनिक पोतों की टक्कर: भारत ने पाकिस्तान के सभी आरोपों को किया खारिज
अरब सागर में भारतीय और पाकिस्तानी नौसेना के जहाजों के बीच हुई टक्कर को लेकर राजनयिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। भारत ने इस घटना के संबंध में पाकिस्तान द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है और स्पष्ट किया है कि भारतीय युद्धपोत को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा है।

विदेश मंत्रालय का कड़ा रुख
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस मामले पर इस्लामाबाद की प्रतिक्रिया को टालमटोल वाला और सच्चाई छिपाने का प्रयास बताया है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी अरब सागर में आईएनएस कोलकाता अपनी रूटीन तैनाती पर था, तभी पाकिस्तानी नौसेना के पोत पीएनएस हुनैन ने गैर-पेशेवर और अस्वीकार्य व्यवहार किया।
समझौते के नियमों का उल्लंघन
भारत के अनुसार, पीएनएस हुनैन द्वारा खतरनाक तरीके से ओवरटेक करने की कोशिश अप्रैल 1991 के द्विपक्षीय समझौते के अनुच्छेद 10 का गंभीर उल्लंघन है। यह समझौता सैन्य अभ्यासों और आवाजाही से जुड़ा है, जिसके तहत नौसैनिक इकाइयों को एक-दूसरे से कम से कम तीन नॉटिकल मील की दूरी बनाए रखनी होती है।
घटना की पृष्ठभूमि और राजनयिक विरोध
यह घटना बीते 15 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में नियमित तैनाती के दौरान हुई थी। पाकिस्तान ने दावा किया था कि यह उसके विशेष आर्थिक क्षेत्र में सीस्पार्क-26 नौसैनिक अभ्यास के दौरान हुई, और उसने भारतीय युद्धपोत पर आक्रामक युद्धाभ्यास का आरोप लगाया। इस घटना के बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के खिलाफ राजनयिक विरोध दर्ज कराया है, जबकि भारत ने दोहराया है कि आईएनएस कोलकाता सुरक्षित है और पाकिस्तानी पोत को नुकसान पहुंचने के बाद वह बंदरगाह लौट गया था।
