प्रतापगढ़ में अपहरण मामले के आरोपी ने थाने के शौचालय में की आत्महत्या, एसएचओ समेत दो पुलिसकर्मी निलंबित
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां अपहरण के आरोप में पकड़े गए एक युवक ने पुलिस थाने के परिसर में ही अपनी जान दे दी। इस घटना के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है और पुलिस अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी समेत दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।

घटना का विवरण
पुलिस के अनुसार, यह घटना कोटवाली पट्टी थाना परिसर में हुई। मृतक की पहचान 22 वर्षीय अर्जुन के रूप में हुई है, जो मोलनापुर गांव का रहने वाला था। उसे 17 अगस्त को दर्ज किए गए एक अपहरण के मामले के सिलसिले में थाने लाया गया था। अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) आलोक कुमार ने बताया कि जिस महिला का अपहरण हुआ था, उसे बरामद कर लिया गया था और मामले में कानूनी प्रक्रिया चल रही थी।
शौचालय में मिला शव
कानूनी कार्रवाई के दौरान अर्जुन ने शौचालय जाने की बात कही और वह वहां गया। काफी देर तक जब वह वापस नहीं लौटा, तो पुलिस कर्मियों ने अंदर जाकर देखा जहां वह फंदे से लटका हुआ पाया गया। इसके बाद उसे तुरंत नीचे उतारकर नजदीकी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां आपातकालीन वार्ड के डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, उसे मृत अवस्था में ही लाया गया था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
प्रशासनिक कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक दीपक भुकर ने कड़ा कदम उठाया है। मामले में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर एसएचओ आनंद पाल सिंह और उप-निरीक्षक ओमकार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा, जिला मजिस्ट्रेट ने इस पूरी घटना की मजिस्ट्रेटी जांच की सिफारिश की है। इस संवेदनशील मामले में आगे की जांच की जा रही है।


