रुद्रप्रयाग जिला अस्पताल के ऑर्थोपेडिक सर्जन पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार
उत्तराखंड राज्य के रुद्रप्रयाग जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। जनपद के जिला अस्पताल में कार्यरत एक ऑर्थोपेडिक सर्जन को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह पूरा मामला दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है, जहां डॉक्टर द्वारा अनुचित रूप से पैसों की मांग की जा रही थी। इस घटना के सामने आने के बाद से ही चिकित्सा जगत और प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है और विभाग के भीतर हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।

टोल फ्री नंबर पर मिली थी शिकायत
यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब सतर्कता विभाग के आधिकारिक टोल फ्री नंबर 1064 पर एक शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में स्पष्ट रूप से आरोप लगाया था कि जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग में तैनात ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. अंकुर ठाकुर द्वारा विकलांगता प्रमाण पत्र तैयार करने के बदले में पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। इस प्रकार की अवैध मांग से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना सतर्कता विभाग को दी, जिसके आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया की नींव रखी गई।
सतर्कता विभाग द्वारा जांच और ट्रैप टीम का गठन
शिकायत मिलने के तुरंत बाद सतर्कता विभाग ने मामले की गंभीरता को समझते हुए इसकी शुरुआती जांच शुरू कर दी। विभाग द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में शिकायत के आरोप प्रथम दृष्टया पूरी तरह सही पाए गए। इसके पश्चात पुलिस अधीक्षक, सतर्कता सेक्टर देहरादून के निर्देशानुसार एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत संबंधित अभियोग पंजीकृत कर लिया गया ताकि रिश्वतखोरी में लिप्त व्यक्ति के खिलाफ सख्त वैधानिक कदम उठाए जा सकें।

रंगे हाथों गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई
पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार सतर्कता विभाग की ट्रैप टीम ने 29 सितंबर 2026 को जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग में अपनी कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। टीम ने जाल बिछाकर ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. अंकुर ठाकुर को शिकायतकर्ता से 5,000 रुपये की रिश्वत की रकम लेते हुए मौके पर ही रंगे हाथ दबोच लिया। इस अचानक हुई कार्रवाई से अस्पताल परिसर में पूरी तरह से हड़कंप मच गया। वर्तमान में सतर्कता विभाग की टीम गिरफ्तार किए गए चिकित्सक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है और इस प्रकरण से जुड़े अन्य तमाम पहलुओं की भी गहराई से छानबीन जारी है ताकि अन्य किसी संलिप्तता का भी पता लगाया जा सके।


