उत्तराखंड नर्सेज सर्विसेज़ एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी का गठन, हरिकृष्ण बिजल्वान बने अध्यक्ष
उत्तराखंड नर्सेज सर्विसेज़ एसोसिएशन का द्विवार्षिक अधिवेशन राजधानी देहरादून के शिवालिक होटल में आयोजित किया गया। इस महत्वपूर्ण और बड़े आयोजन में प्रदेश भर से नर्सिंग संवर्ग के सदस्यों ने भारी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में संगठन की आगामी गतिविधियों और संचालन के लिए नई कार्यकारिणी के चुनाव की प्रक्रिया को सफलतापवूर्क संपन्न किया गया।

नई कार्यकारिणी के प्रमुख पदाधिकारियों का चयन
अधिवेशन के दौरान आयोजित चुनाव प्रक्रिया के माध्यम से संगठन की नई टीम का चयन किया गया। इसमें हरिकृष्ण बिजल्वान को उत्तराखंड नर्सेज सर्विसेज़ एसोसिएशन का नया प्रदेश अध्यक्ष चुना गया है। अध्यक्ष पद के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के लिए भी पदाधिकारियों के नाम तय किए गए, जिसमें गिरीश उनियाल को प्रदेश महामंत्री और श्रीमती छवि घड़ियाल को प्रदेश कोषाध्यक्ष के पद पर चुना गया। नई कार्यकारिणी के गठन से संगठन को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
नवनियुक्त पदाधिकारियों का भव्य स्वागत और अभिनंदन
चुनाव परिणाम सामने आने के बाद संगठन के तमाम सदस्यों में भारी उत्साह का माहौल देखने को मिला। अधिवेशन में मौजूद सदस्यों ने नवनियुक्त पदाधिकारियों का फूल-मालाओं और बुके (गुलदस्ते) भेंट करके भव्य स्वागत और अभिनंदन किया। इस दौरान सभी ने मिलकर संगठन की एकजुटता का संदेश दिया और नवनियुक्त टीम को बधाई दी।

नवनियुक्त अध्यक्ष हरिकृष्ण बिजल्वान का संबोधन
चुने जाने के बाद संगठन के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष हरिकृष्ण बिजल्वान ने सभी सम्मानित सदस्यों का हृदय से आभार और धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी ने जिस विश्वास और भरोसे के साथ मुझे इस पद की जिम्मेदारी सौंपी है, मैं आपको यह विश्वास दिलाता हूँ कि मेरे संकल्प पत्र में जितनी भी घोषणाएं की गई हैं, उन्हें पूरा करने के लिए मैं नर्सिंग संवर्ग के हित में दिन-रात कार्य करूँगा।
संगठन को मजबूत बनाने के लिए सहयोग की अपील
अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश अध्यक्ष हरिकृष्ण बिजल्वान ने संगठन के प्रत्येक सदस्य से विशेष अपेक्षा जताई। उन्होंने कहा कि वे संगठन के कार्यों और उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए अपना निरंतर सहयोग प्रदान करें, ताकि नर्सिंग कर्मियों की भलाई के लिए मिलकर प्रभावी कदम उठाए जा सकें।


