चलती ट्रेन में हुआ बच्चे का जन्म, रेलवे कर्मचारियों और मेडिकल टीम की त्वरित मदद से सुरक्षित रही मां और नवजात
राजस्थान के सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन के पास एक चलती ट्रेन में यात्रा के दौरान 26 वर्षीय महिला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। रेलवे प्रशासन और मेडिकल टीम की मुस्तैदी से समय पर सहायता मिलने के कारण जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।

ट्रेन में अचानक शुरू हुआ प्रसव पीड़ा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मन्नारगुड़ी-जोधपुर एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22674) में शारदा नामक महिला अपने पति और परिवार की महिलाओं के साथ सामान्य श्रेणी के डिब्बे में जोधपुर की यात्रा कर रही थी। कोटा स्टेशन से ट्रेन छूटने के बाद बुधवार सुबह करीब 5:35 बजे महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थिति को भांपते हुए एक अन्य यात्री ने तुरंत ‘रेल मदद’ पोर्टल के माध्यम से कोटा कमर्शियल कंट्रोल रूम को घटना की सूचना दी।
रेलवे प्रशासन और मेडिकल टीम का त्वरित सहयोग
सूचना मिलते ही कोटा कमर्शियल कंट्रोल रूम ने तुरंत सवाई माधोपुर स्टेशन प्रबंधन को इस आपात स्थिति से अवगत कराया। स्टेशन मैनेजर देशराज मीणा ने बिना किसी देरी के रेलवे अस्पताल की मेडिकल टीम को सूचित किया और स्टेशन पर ही चिकित्सा सहायता का पूरा इंतजाम कर दिया। जब तक ट्रेन सुबह करीब 6:40 बजे सवाई माधोपुर स्टेशन पर पहुंची, तब तक महिला चलती ट्रेन में ही एक बच्चे को जन्म दे चुकी थी।

अधिकारियों ने किया स्वास्थ्य परीक्षण
सवाई माधोपुर स्टेशन पर पहुंचते ही वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामराज मीणा, महिला स्वास्थ्य सहायक कविता, वरिष्ठ नर्सिंग अधीक्षक जावेद खान और नाइट वॉचमैन दिनेश की टीम कोच में पहुंची। उन्होंने तुरंत मां और नवजात शिशु का स्वास्थ्य परीक्षण किया और दोनों को पूरी तरह स्वस्थ पाया। मेडिकल टीम ने महिला को आवश्यक दवाइयां और उपचार प्रदान किया। डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी थी, लेकिन शारदा ने अपने परिवार के साथ जोधपुर की आगे की यात्रा जारी रखने की इच्छा जताई।
बेहतरीन समन्वय का उदाहरण
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ‘रेल मदद’ ऐप के जरिए मिली जानकारी पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कोटा कमर्शियल कंट्रोल रूम, सवाई माधोपुर स्टेशन प्रबंधन और रेलवे मेडिकल टीम ने आपसी तालमेल का एक उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया, जिससे समय रहते यात्री को जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जा सकी।


