भारतीय अर्थव्यवस्था में यूट्यूब का बड़ा योगदान, 2025 में जीडीपी में जुड़े 18,000 करोड़ रुपये
ऑक्सफोर्ड इकोनमिक्स की एक नई रिपोर्ट सामने आई है जिसके अनुसार लोकप्रिय वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म यूट्यूब ने वर्ष 2025 के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के क्षेत्र में अहम भूमिका निभाई है। रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि इस डिजिटल प्लेटफॉर्म ने भारत के सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी में 18,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का योगदान दिया है। इसके साथ ही देश के भीतर 9.6 लाख से अधिक पूर्णकालिक नौकरियों को भी प्रोत्साहन मिला है।

डिजिटल क्रिएटर्स और कमाई में उल्लेखनीय वृद्धि
रिपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में लाखों रुपये की कमाई करने वाले यूट्यूब चैनलों की संख्या में सालाना आधार पर 30 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके अलावा, देश के 18,000 से ज्यादा यूट्यूब चैनल ऐसे हैं जिन्होंने 10 लाख यानी 1 मिलियन से अधिक सब्सक्राइबर का आंकड़ा पार कर लिया है। प्लेटफॉर्म पर अपने कंटेंट का मोनेटाइजेशन करने वाले लगभग 73 प्रतिशत रचनाकार इसे अपनी आय का मुख्य जरिया मानते हैं।
गैर-महानगरीय शहरों में रोजगार के अवसर
यूट्यूब के विस्तार का असर केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि जयपुर, लखनऊ और कोच्चि जैसे गैर-महानगरीय केंद्रों में भी नए रचनात्मक केंद्र उभरकर सामने आए हैं। इससे वीडियो एडिटिंग, कैमरा ऑपरेशन और पटकथा लेखन जैसे क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर मांग बढ़ी है। इसके अतिरिक्त, क्रिएटर्स ने पिछले एक साल के दौरान तीन लाख से अधिक प्रशिक्षुओं की सहायता भी की है।
वैश्विक स्तर पर बढ़ रही है भारतीय कंटेंट की पहुंच
भारतीय क्रिएटर्स द्वारा बनाए गए वीडियो को वैश्विक स्तर पर भी काफी पसंद किया जा रहा है। भारतीय चैनलों के कुल वॉच टाइम का 15 प्रतिशत से अधिक हिस्सा देश से बाहर के दर्शकों का होता है। पिछले एक साल में भारतीय चैनलों द्वारा 16 करोड़ घंटे से ज्यादा का कंटेंट अपलोड किया गया है। साथ ही, इस प्लेटफॉर्म का उपयोग करने वाली 81 प्रतिशत मीडिया कंपनियों ने माना है कि यूट्यूब की वजह से उन्हें दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंचने में बड़ी मदद मिली है।


