बद्रीनाथ धाम दान चोरी मामला: एसआईटी ने अदालत में दाखिल की चार्जशीट

बद्रीनाथ धाम दान चोरी मामला: एसआईटी ने अदालत में दाखिल की चार्जशीट

उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में सामने आए दान चोरी के मामले में पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने अदालत में अपनी चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस महत्वपूर्ण मामले में न्यायालय ने दस्तावेजों की समीक्षा के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं और अगली सुनवाई की तारीख भी तय कर दी है।

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लगभग एक हजार पेज की है चार्जशीट

प्राप्त जानकारी के अनुसार, चमोली पुलिस द्वारा राज्य के निर्देशों के तहत गठित एसआईटी ने शुक्रवार को अदालत में लगभग एक हजार पन्नों की विस्तृत चार्जशीट पेश की। इस जांच रिपोर्ट में कुल 50 गवाहों के बयानों को शामिल किया गया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट हीना कौसर की अदालत ने चार्जशीट और इससे जुड़े सभी दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई आगामी 22 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।

इन लोगों पर हैं गंभीर आरोप

अदालत ने जिन तीन व्यक्तियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला पाया है, उनमें तत्कालीन प्रोटोकॉल अधिकारी प्रमोद नौटियाल, सेवानिवृत्त मंदिर अधिकारी राजेंद्र सिंह चौहान और सुरक्षा गार्ड मनोज कुमार शामिल हैं। अभियोजन पक्ष के अनुसार, इन अधिकारियों की जिम्मेदारी मंदिर के दानपात्र से मिलने वाली राशि और उपहारों की गिनती करके नियमों के तहत मंदिर समिति के खाते में जमा कराने की थी।

आरोप है कि प्रमोद नौटियाल और राजेंद्र सिंह चौहान ने कथित तौर पर साजिश रचकर दान और उपहारों का एक हिस्सा अपने पास रख लिया था। वहीं, सुरक्षा गार्ड मनोज कुमार पर गिनती के दौरान दानपात्र से पैसे चुराने का आरोप लगाया गया है। अभियोजन पक्ष का दावा है कि चोरी की गई वस्तुएं और उन्हें बेचने से मिली नकदी इस सुरक्षा गार्ड के पास से बरामद की गई थी।

सीसीटीवी फुटेज से हुआ था खुलासा

इस कथित चोरी का मामला इस साल जून और जुलाई के दौरान मंदिर के ‘थाली भेंट’ गिनती कक्ष के सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से सामने आया था। बताया जाता है कि फुटेज में आरोपी नोट, सोने और चांदी के सिक्के तथा अन्य वस्तुएं अपनी जेब या मोबाइल फोन के नीचे छिपाते हुए नजर आए थे। मामले के खुलासे के बाद बद्रीनाथ-kedarnath मंदिर समिति (BKTC) ने संबंधित कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था, जिसके बाद चमोली पुलिस ने एसआईटी का गठन कर इसकी जांच शुरू की थी। अदालत ने वर्तमान में जेल में बंद दो आरोपियों के लिए न्यायिक हिरासत वारंट जारी किए हैं, जबकि जमानत पर बाहर चल रहे तीसरे आरोपी को अदालत में पेश होने के लिए समन भेजा गया है।

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