अजिंक्य शिंदे ने संभाली कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन की कमान, जानिए उनके बारे में
दिल्ली एयरपोर्ट पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख नेताओं अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिए जाने के बाद, अजिंक्य शिंदे ने विरोध-प्रदर्शन की कमान संभाल ली है। शीर्ष नेतृत्व की गैरमौजूदगी में आंदोलन को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब शिंदे को दी गई है, जो नेताओं की रिहाई तक यह कार्यभार संभालेंगे।

अजिंक्य शिंदे को सौंपी गई आंदोलन की जिम्मेदारी
नेतृत्व की अनुपस्थिति में सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक वीडियो के जरिए यह घोषणा की कि उनकी और अन्य साथियों की गिरफ्तारी के बाद अजिंक्य शिंदे ही विरोध-प्रदर्शन और CJP आंदोलन का नेतृत्व करेंगे। शिंदे ने अपने समर्थकों से अपील की है कि वे जंतर-मंतर की ओर बढ़ें और यदि पुलिस उन्हें रास्ते में रोकती है, तो वे उसी स्थान को जंतर-मंतर मानकर प्रदर्शन शुरू कर दें। उनका कहना है कि सरकार इस एकजुटता से घबराई हुई है।
कौन हैं अजिंक्य शिंदे?
पैंतीस वर्षीय अजिंक्य शिंदे महाराष्ट्र से कंप्यूटर साइंस में ग्रेजुएट हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) में पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रूप में जुड़ने से पहले उन्होंने पुणे स्थित एक अंतरराष्ट्रीय आईटी कंपनी में नौकरी की थी। उनके माता-पिता पहले अलीबाग में किसान थे और बाद में लातूर में बस गए थे। शिंदे पिछले कई वर्षों से अभिजीत दीपके के करीबी सहयोगियों में शामिल रहे हैं।
राजनीतिक सफर और CJP से जुड़ाव
अजिंक्य शिंदे और अभिजीत दीपके की पहली मुलाकात साल 2016 में गोवा में हुई थी, जिसके बाद से दोनों ने साथ काम किया है। इसके पश्चात, वह आम आदमी पार्टी की महाराष्ट्र टीम से जुड़े और वहां सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर तथा महाराष्ट्र यूथ विंग के कन्वीनर जैसी भूमिकाएं निभाईं। इसके बाद उन्हें सीजेपी संगठन में संगठन प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई। जुलाई में हुए प्रदर्शन के दौरान भी उन्होंने पर्दे के पीछे रहकर आंदोलन की कमान संभाली थी, और अब उन्हें पार्टी के मुख्य प्रदर्शन का नेतृत्व सौंपा गया है।


