बिलासपुर में सीमित हवाई सेवाओं के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन, नागरिकों ने निकाला ‘उल्टा मार्च’
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सीमित हवाई सेवाओं और कम सुविधाओं के खिलाफ स्थानीय नागरिकों एवं यात्रियों ने सोमवार को एक अनोखा ‘उल्टा मार्च’ निकाला। एयर फैसिलिटी जन संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में पूर्ण विकसित हवाई अड्डा स्थापित करना और देश के बड़े महानगरों के लिए सीधी विमान सेवाएं शुरू करने की मांग करना था। यह अनोखा विरोध प्रदर्शन इस आंदोलन के पूरे सात साल होने के अवसर पर आयोजित किया गया था, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

कलेक्ट्रेट तक उल्टा चलकर जताया विरोध
इस विरोध प्रदर्शन में विभिन्न सामाजिक, व्यापारिक, राजनीतिक और छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारी राघवेंद्र राव सभा भवन से अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय तक उल्टे यानी पीछे की ओर चलते हुए पहुंचे। वहां पहुंचने के बाद उन्होंने प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। इस आंदोलन को शहर के कई प्रमुख संगठनों का समर्थन प्राप्त है, जिनमें जिला बार एसोसिएशन, मर्चेंट एसोसिएशन, विभिन्न व्यापारिक निकाय, जिला उद्योग संघ, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), होटल एसोसिएशन, क्रिकेट एसोसिएशन, हॉकी एसोसिएशन और रेलवेमेंस कांग्रेस शामिल हैं।
रनवे विस्तार और 4सी श्रेणी में अपग्रेड करने की मुख्य मांग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ के इस बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट पर मार्च 2021 से कमर्शियल विमान सेवाएं शुरू की गई थीं। हालांकि, यहां की सबसे बड़ी समस्या यह है कि रनवे की लंबाई काफी कम है, जो लगभग 1,500 मीटर है। इस वजह से हवाई अड्डे पर केवल छोटे विमानों का ही संचालन हो पाता है। समिति के सदस्यों ने अपनी बात रखते हुए स्पष्ट किया कि हवाई अड्डे के रनवे का विस्तार किया जाना चाहिए।
एयर फैसिलिटी जन संघर्ष समिति के सदस्यों का कहना है कि हवाई अड्डे को 4सी श्रेणी में अपग्रेड किया जाना बेहद जरूरी है। इस अपग्रेडेशन के पूरा होने से बोइंग और एयरबस जैसे बड़े विमानों की आवाजाही भी इस एयरपोर्ट पर संभव हो सकेगी, जिससे स्थानीय यात्रियों को बेहतर और सुगम हवाई यात्रा का लाभ मिल पाएगा।


