गन्ने के किसानों की मांगों की जांच के लिए रमेश चंद की अध्यक्षता में समिति गठित
केंद्र सरकार ने कर्नाटक और महाराष्ट्र के गन्ना किसानों द्वारा उठाई गई प्रमुख मांगों की जांच के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। नीति आयोग के पूर्व सदस्य रमेश चंद को इस पैनल का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जो किसानों की चिंताओं का अध्ययन करके उचित उपाय सुझाएगा।

यह निर्णय केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रल्हाद जोशी के साथ दोनों राज्यों के किसान प्रतिनिधियों की हालिया बैठक के बाद लिया गया है। इस बैठक में विभिन्न संगठनों के लगभग 80 से 90 किसानों ने हिस्सा लिया था।
प्रमुख मांगें और पैनल के कार्य
गन्ना उत्पादकों ने बढ़ती लागत का हवाला देते हुए बेहतर रिटर्न और चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य (MSP) को 31 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़ाकर 50 रुपये प्रति किलोग्राम करने की मांग की है। खाद्य मंत्रालय के अनुसार, गठित समिति इन सभी बिंदुओं पर गौर करेगी और खेती की लागत और बाजार की वास्तविकताओं का आकलन करेगी।
इसके अलावा, यह समिति चीनी रिकवरी के परीक्षण और रिपोर्टिंग तंत्र की समीक्षा करेगी, मिलों पर गन्ने की तौल की प्रथाओं का मूल्यांकन करेगी, और मशीनीकृत कटाई के दौरान वजन में कटौती के दावों की जांच करेगी।
समिति के सदस्य और रिपोर्ट
अध्यक्ष रमेश चंद के साथ इस समिति में कृषि मंत्रालय के कृषि आयुक्त, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के संयुक्त सचिव (चीनी), और उपभोक्ता मामलों के विभाग के संयुक्त सचिव (कानूनी मापविज्ञान) को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। यह पैनल सभी संबंधित पक्षों, जिनमें किसान प्रतिनिधि, चीनी मिल संघ और राज्य सरकारें शामिल हैं, के साथ व्यापक परामर्श करके अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।


